ईरानी मीडिया ने उन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर बागेर गालिबफ अमेरिका से बातचीत के लिए पाकिस्तान गए हैं।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर बागेर गालिबफ जैसे वरिष्ठ अधिकारी अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान गए हैं।
तसनीम न्यूज एजेंसी का हवाला देते हुए प्रेस टीवी ने कहा कि न तो अराघची और न ही गालिबफ ने देश छोड़ा है। वे अभी भी तेहरान में ही हैं और क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बीच सक्रिय रूप से अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इससे पहले न्यूज एजेंसी ने गुरुवार रात एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी थी कि अराघची और गालिबफ पाकिस्तान गए हैं।
‘रुकी रहेगी बातचीत’
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ ने ‘तसनीम न्यूज’ का हवाला देते हुए उन दावों और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वरिष्ठ अधिकारी वॉशिंगटन के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी की टिप्पणियों का हवाला देते हुए, सूत्रों ने ‘तसनीम न्यूज’ को बताया कि जब तक लेबनान में इजरायली हमले बंद नहीं हो जाते और अमेरिका देश में संघर्ष-विराम (सीजफायर) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं कर लेता, तब तक बातचीत रुकी रहेगी।
‘पहले लेबनान में सीजफायर फिर बातचीत’
सूत्र ने तस्नीम को बताया, “कुछ मीडिया आउटलेट्स की यह खबर कि अमेरिकियों के साथ बातचीत करने के लिए एक ईरानी वार्ताकार दल पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच गया है, पूरी तरह से गलत है।”
प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने भी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि जब तक लेबनान में संघर्ष-विराम स्थापित नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी पक्ष के साथ शांति वार्ता में शामिल होने की ईरान की कोई योजना नहीं है।





