मौदहा (हमीरपुर)। कस्बे की लाइफलाइन मानी जाने वाली बड़ा चौराहा से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क पर दुकानदारों के अतिक्रमण ने हालात बद से बदतर कर दिए हैं। सोमवार को तहसील मार्ग पर लगे भीषण जाम ने व्यवस्था की पोल खोल दी, जहां आम लोगों के साथ-साथ पुलिस की गाड़ी भी घंटों फंसी रही।
नगरपालिका द्वारा सड़क चौड़ीकरण के दावे के बावजूद जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सड़क किनारे सैकड़ों दुकानदारों द्वारा दुकान का सामान बाहर सड़क तक फैलाकर रखना आम बात हो गई है। बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों के बाहर सरियों के ढेर सड़क पर कब्जा जमाए रहते हैं, वहीं बाइक एजेंसियों द्वारा दर्जनों वाहन सड़क पर ही खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।
सोमवार दोपहर तहसील मार्ग स्थित फत्तेपुर में गांधी इंटर कॉलेज मोड़ से लेकर बड़ा चौराहा तक लंबा जाम लग गया। हालात इतने खराब रहे कि पुलिस की गाड़ी भी जाम में फंसी रही, लेकिन जाम खुलवाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठे-बैठे हूटर बजाते रहे, जबकि लोग खुद ही किसी तरह अपने वाहनों को निकालने में जुटे रहे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम के कारण कई बार मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी जान तक पर बन आती है। प्रसव पीड़ित महिलाओं को भी एंबुलेंस में तड़पते हुए जाम में फंसे रहने को मजबूर होना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि सड़क पर कब्जा जमाए दुकानदारों के खिलाफ नगरपालिका द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।





