अलीगढ़। अलीगढ़ आवास विकास में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इंजीनियर नवजोत सिंह नोटिस नोटिस खेल कर मामले को दबा रहे हैं। इन्ही के साथ आगरा में बैठे सहायक आवास आयुप्त भी इनके काले कारनामों में संलिप्त है। जिसका ताजा उदाहरण चिरंजीलाल आवास योजना में भूखण्ड संख्या वाई 163 कल्पना गुप्ता पत्नी अभिषेक गुप्ता जिनका की नक्शे के विपरीत अवैध निर्माण जारी है। चौकाने वाली बात यह है कि अवैध निर्माण को बिना तोड़े नामांतरण की कार्यवाही करदी गई और इसी नामांतरण की गाज निवर्तमान संपति अधिकारी देशराज सिंह को सहायक आवास आयुप्त अमित गुप्ता ने पूर्व में सस्पेंड कर दिया क्योंकि देशराज ने नियम विरुद्ध नामांतरण नहीं किया। उनके जगह अमित गुप्ता ने आगरा से राघवेंद्र खंडेलवाल को संपति अधिकारी बनाकर अलीगढ़ भेज दिया और उनसे इस अवैध नामांतरण की प्रक्रिया करा ली।
सूत्रों के मुताबिक अमित गुप्ता और नवजोत सिंह ने मिल कर बंदरबाट कर भ्रष्टाचार को जारी रखते हुए नामांतरण करा दिया गया। जांच का विषय यह है कि निर्वतमान संपति अधिकारी को सस्पेंड करना और उनकी जगह राघवेंद्र को संपति अधिकारी बनाकर भेजना। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जिन राघवेंद्र को संपति अधिकारी बना भेजा गया है उनकी पहले से ही शासन से जांच चल रही है। लेकिन सभी नियम और कानून को ताक पर रख कर आवास विकास अलीगढ़ ने नामांतरण का खेल कर दिया। वही दूसरा उदाहरण वाई 165 पर डॉ अंजुला भार्गव का आवासीय संपति पर नर्सिंग होम का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका हैं परंतु विभाग के इंजिनियर नवजोत सिंह आंख बंद कर नोटिस खेल रहे हैं। इन पर न तो सीलिंग की कार्यवाही हुई न ही कोई और जिससे साफ है कि नवजोत सिंह और अमित गुप्ता ने सभी पर पर्दा डालते हुए इस आवासीय संपति पर भी क्लीन चिट दे दी। यह दोनों अधिकारी भारी भ्रष्टाचार फेला रहे हैं। वही चिरंजीलाल योजना में और भी भूखंडों पर अवैध निर्माण जारी है।





