Friday, March 20, 2026
spot_img
HomePoliticalचुनाव आयोग पर भड़कीं ममता, अधिकारियों के तबादले पर उठाए सवाल; भाजपा...

चुनाव आयोग पर भड़कीं ममता, अधिकारियों के तबादले पर उठाए सवाल; भाजपा पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को अनुचित रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव अधिसूचना से पहले बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग पर विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल को अनुचित रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला।

ममता ने चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही आयोग द्वारा राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और उन्हें अन्य चुनावी राज्यों में सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे चिंताजनक करार दिया।

ममता का आरोप

ममता ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट जारी कर कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद से अधिकारियों के तबादले की कार्रवाई लगभग रोजाना की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जिस तरह से बंगाल को विशेष रूप से निशाना बनाया रहा है, वह न केवल अभूतपूर्व है बल्कि बेहद चिंताजनक भी है।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी सहित 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया है।

ममता ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक कार्रवाई मानने से इन्कार करते हुए इसे उच्च स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप बताया। ममता ने चुनाव आयोग पर भाजपा व केंद्र के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए इसे अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता का विश्वास जीतने में असफलता मिलती है, तो संस्थाओं का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष संस्थाओं का इस तरह राजनीतिकरण लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है।

ममता ने क्या दावा किया?

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि इस तरह के फैसले ऐसे समय में लिए जा रहे हैं जब राज्य पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बड़े पैमाने पर तबादले राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों का सामूहिक तबादला कोई संयोग नहीं, बल्कि बंगाल पर नियंत्रण स्थापित करने की एक सुनियोजित रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब दबाव, डर और संस्थागत हेरफेर के जरिए किया जा रहा है।

अधिकारियों के समर्थन में उतरीं

ममता ने उन सभी अधिकारियों के प्रति एकजुटता जताई, जिनका तबादला किया गया है या जिन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी अपनी ईमानदारी और समर्पण के कारण निशाने पर हैं।

बंगाल झुकेगा नहीं

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा बंगाल ने कभी दबाव के आगे झुकना नहीं सीखा है और न ही झुकेगा। बंगाल लड़ेगा, प्रतिरोध करेगा और हर विभाजनकारी एजेंडे को निर्णायक रूप से पराजित करेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular