सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर ताला में हुआ कवि सम्मेलन
मुकुट नाथ इंटर कालेज ताला में डा अम्बेडकर फाउंडेशन की ओर से सावित्री बाई फुले की पुण्यतिथि मनाई गई। पुण्यतिथि पर आयोजित कवि सम्मेलन में जिले के कवियों ने कविता पाठ किया और अपनी रचनाओं में सावित्री बाई के जीवन संघर्षों का गुणगान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्रमुख और भाजपा नेता अमरेन्द्र सिंह पिंटू ने कवियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले ने गुलाम भारत में महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले।उनका जीवन दर्शन भारतीय समाज की आधी आबादी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ उन्होंने 1848में महाराष्ट्र में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला,जब वे बालिकाओं को पढ़ाने जाती थी तो संकीर्ण मानसिकता के असामाजिक तत्व उन पर गोबर और कीचड़ फेंकते थे। सावित्रीबाई फुले दो साड़ियां लेकर स्कूल पढ़ाने जाती थीं।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने अपने पूरे जीवन में सामाजिक चेतना की मशाल के रूप में काम किया उन्हें भारत की प्रथम महिला शिक्षिका होने का गौरव प्राप्त है।वे एक महान समाज सुधारक और कवियत्री भी थीं।।कार्यक्रम में आयोजक समीर मिश्र ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। ग्राम प्रधान मनोज शुक्ला,कवि रामेश्वर सिंह, गिरिजा शंकर शुक्ल एडवोकेट, विन्ध्येश्वरी दूबे आदि मौजूद रहे।





