सऊदी अरब पर ईरान की ओर से हुए हमलों के चलते सऊदी अरामको का प्रॉफिट घटकर $104 बिलियन रह गया है, जो पिछले वर्ष से कम है। यह दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है।
ईरान पर अमेरिका और इजरायल (Iran-US War) के हमले से दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी को तगड़ा नुकसान हुआ है। दरअसल, सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको (Saudi Aramco) ने 2025 में 104 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 55000 करोड़ रुपये कम है। क्योंकि, ईरान ने युद्ध के दौरान उसके ऑयल एरिया और प्लांट्स को निशाना बनाया है। अरामको ने मंगलवार को अपने वार्षिक नतीजे जारी किए। कंपनी ने एक दिन बाद निवेशकों को इस बारे में जानकारी दी।
कंपनी ने क्या कहा?
सऊदी अरबियन ऑयल कंपनी के नाम से जानी जाने वाली अरामको ने 2024 में 110 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया था। अरामको ने कहा कि उसका 2025 का रेवेन्यू 445 बिलियन डॉलर (40.83 लाख करोड़) रहा, जो 2024 के 480 बिलियन डॉलर (44 लाख करोड़ रुपये) से कम है।
क्या है सऊदी अरामको की हैसियत?
सऊदी अरामको को व्यापक रूप से दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी माना जाता है। यह कंपनी ऑयल प्रोडक्शन, स्टोरेज और प्रॉफेटिबिलीटी में अग्रणी है। धाहरान में स्थित, यह 270 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल के स्टोरेज को नियंत्रित करती है, लगभग 12-12.3 मिलियन बैरल प्रति दिन उत्पादन करती है, और इस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1.5 ट्रिलियन डॉलर (138 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा है।
सऊदी अरामको में अधिकतर हिस्सेदारी सऊदी अरब की सरकार के पास है। सऊदी सरकार के पास कंपनी के 81% से अधिक शेयर हैं। कंपनी 2019 में पब्लिक हुई थी, जिसके कुछ शेयर इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इन्वेस्टर्स के पास हैं।
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका में चल रहे युद्ध के दौरान, ईरान ने सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) को निशाना बनाया था। ईरान की सेना ने इस कंपनी की रास तनुरा तेल रिफाइनरी (Ras Tanura Oil Refinery) पर ड्रोन हमला किया था, जिसके बाद रिफाइनरी को बंद कर दिया गया था। ईरान ने सऊदी अरब के अन्य इलाकों में भी अटैक किए थे।





