Saturday, March 7, 2026
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‘2013 से पहले सिंगर्स के साथ…’ Arijit Singh के रिटायरमेंट के बाद Shreya Ghoshal ने खोली बॉलीवुड की पोल

Shreya Ghoshal एक ऐसी सिंगर जिनकी आवाज के करोड़ों दीवाने हैं लेकिन इस आवाज के पीछे के दर्द से काफी कम लोग वाकिफ हैं। दरअसल हाल ही में श्रेया ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक वक्त पर सिंगर्स के साथ कैसा बर्ताव होता था।

अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, सोनू निगम, शान इंडस्ट्री के कुछ ऐसे सिंगर्स जिन्हें शायद ही कोई नापसंद करता होगा। अरिजीत सिंह ने कई फिल्मों में अपनी रुहानी आवाज दी और करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया। लेकिन हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग से उनके रिटायरमेंट ने फैंस को थोड़ा निराश कर दिया।

श्रेया ने किया हैरान करने वाला खुलासा

इसके साथ ही कई सवाल भी लोगों के मन में हैं कि आखिर करियर के पीक पर अरिजीत सिंह (Arijit Singh (Shreya Ghoshal कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जो फिल्म इंडस्ट्री में म्यूजिशियन और सिंगर्स के साथ चली गंदी राजनीति से पर्दा उठाते हैं।

मनवा लागे, तेरी मेरी, बरसो रे, साथिया, मेरे ढोलना, हसी, चिकनी चमेली जैसे गानों को अपनी आवाज से सजाने वाली श्रेया घोषाल हाल ही में एक पॉडकास्ट में नजर आईं। जिसमें उनसे पूछा गया कि साल 2013 आपका डाउनफॉल वाला साल था, ऐसा आपने क्यों कहा था?

श्रेया ने खोली बॉलीवुड की पोल

“इस सवाल का जवाब देते हुए श्रेया ने कहा, ‘हां, क्योंकि उस टाइम हमने रॉयल्टी पर स्टैंड लिया, तो इंडस्ट्री दो भागों में बंट गई।
हमारी इंडस्ट्री में कोई रूलबुक नहीं है इसीलिए उस वक्त बहुत बुरा टाइम था जो आपको सोचने पर मजबूर करता था कि क्या इस इंडस्ट्री में बने रहना उचित है। सिंगर्स कभी एग्रीमेंट्स नहीं दिए जाते थे, पैसे नहीं दिए जाते थे यहां तक कि उस गाने में सिंगर्स का कोई क्रेडिट नहीं होता था। उस गाने पर हमारा कोई हक नहीं होता था’।

‘सिंगर्स को किया गया परेशान’- श्रेया

“उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन अब ये चेंज आ रहा है, मैं उन आर्टिस्ट की कदर करती हूं जिन्होंने बिना फिल्म सपोर्ट के अपना रास्ता खुद बनाया।
भले ही वे अच्छा गाते हों या बुरा लेकिन मेरी नजरों में उनकी रिस्पेक्ट है। क्योंकि बहुत परेशान किया गया है परफॉर्मर, सिंगर्स और कंपोजर्स को’।

2013 के बाद बदली चीजें

श्रेया ने आगे बताया, ‘ये वो साल था जब सिंगर्स को पता चला कि कौन किस मिट्टी का बना हुआ है और हमने स्टैंड लिया। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हुआ। लेकिन उसकी वजह से कुछ अच्छे सिंगर्स और म्यूजिशियन का करियर गिरता गया और नए लोग इंडस्ट्री में आते गए। आशिकी उसी टाइम आई और तब कुछ आशा जगी कि इंडस्ट्री में कुछ अच्छे लोग भी हैं जो सिंगर्स को सपोर्ट कर रहे थे’।

श्रेया ने संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ (Devdas) से अपना सिंगिंग डेब्यू किया था। उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में बैरी पिया गाया था जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके अलावा उन्होंने सिलसिला ये चाहत का और डोला रे डोला भी गाया था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों के गानों में अपनी आवाज दी और आज करोड़ों लोग उनके फैन हैं।

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