विकलांग कल्याण समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, डीएम और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन देकर की शिकायत
चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के अलावा अवकाश या अनुपस्थित होने पर लिखित सूचना दिए जाने की उठाई मांग
महोबा। जिला अस्पताल में लगाए गए विकलांग बोर्ड कैंप में डाक्टरों के नदारत होने और कैंप में अव्यवस्थाओं से नाराज विकलांग कल्याण समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन देकर की। ज्ञापन में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के अलावा अवकाश या अनुपस्थित होने पर लिखित सूचना दिए जाने की मांग उठाई।
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि जिला अस्पताल में आयोजित विकलांग बोर्ड कैंप में अव्यवस्था और डॉक्टरों की अनुपस्थिति से सैकड़ों दिव्यांग परेशान हैं। दूर-दराज से आने वाले दिव्यांगों को अक्सर बिना प्रमाण पत्र के खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है।
विकलांग कल्याण समिति के मुकेश भारती और यशपाल सिंह सहित अन्य सदस्यों का आरोप है कि नियम अनुसार विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए ईएनटी सर्जन, आई सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तीन सदस्यीय टीम को कैंप में मौजूद रहना होता है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ अक्सर अपनी ड्यूटी से नदारत रहते हैं।
ज्ञापन में बताया कि जिले के सुदूर गांवों से लगभग 60 किलोमीटर की यात्रा कर और आर्थिक बोझ उठाकर दिव्यांगजन अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें पता चलता है कि संबंधित डॉक्टर उपस्थित नहीं हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। कहा कि इस पूरे मामले में सूचना तंत्र की कमी एक बड़ी समस्या है।
यदि किसी कारणवश विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती और ही सूचना पट्ट पर कोई नोटिस लगाया जाता है साथ ही दिव्यांग संगठनों को पहले से सूचित नहीं किया जाता है। विकालांग कल्याण समिति ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थिति की स्थिति में पहले से लिखित दिए जाने की मांग की है।





