Tuesday, February 24, 2026
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गंगा घाटों की नियमित सफाई हो, डोर टू डोर कूड़ा उठान बढ़े – सीडीओ

गंगा और पर्यावरण पर सख्त रुख, लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश

ओम घाट, खुसरूपुर, हाजीपुर, पक्का घाट व देव घाट पर जल बहाव रुकने की जांच के आदेश

गीला–सूखा कचरा पृथक्करण के साथ नियमानुसार निस्तारण पर जोर

फतेहपुर। जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में गंगा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर कड़ा रुख अपनाया। विकास खंड भिटौरा, हसवा, विजयीपुर, बहुआ, ऐरायां, देवमई, मलवा, असोथर और धाता के सचिवों एवं एडीओ पंचायत का वेतन तब तक आहरित न किए जाने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए, जब तक कम से कम पांच प्रतिशत परिवारों की बढ़ोत्तरी सुनिश्चित न हो जाए।

साथ ही खंड विकास अधिकारियों को नियमित संचालन कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में ‘निर्मल गंगा, अविरल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा एवं अर्थ गंगा’ के तहत चल रहे कार्यों में जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। सीडीओ ने नियमित गंगा घाटों की साफ-सफाई और कूड़ा उठान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। समिति के सदस्यों ने अवगत कराया कि ओम घाट, खुसरूपुर, हाजीपुर, पक्का घाट एवं देव घाट पर गंगा जल का बहाव रुकने से दुर्गंध की समस्या उत्पन्न हो रही है।

इस पर सीडीओ ने सिंचाई, सेतु एवं वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला पर्यावरण समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई-वेस्ट प्रबंधन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा हुई। समस्त अधिशासी अधिकारियों नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत को सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध जब्तीकरण की कार्रवाई तेज करने तथा नियमित निरीक्षण कर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए। व्यापारियों को कपड़े एवं जूट के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।

डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण के साथ संवेदनशीलता से संचालित करने तथा उसका नियमानुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। ई-वेस्ट के संबंध में नागरिकों को जागरूक करने एवं उसके एकत्रीकरण की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।

जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में कहीं भी मेडिकल वेस्ट का अवैध डंपिंग न हो। सीडीओ ने प्रभागीय वनाधिकारी को पौधरोपण की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा लंबित विभागों को अनुस्मारक भेजकर रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) अविनाश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीएफओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, नमामि गंगे के नामित सदस्य/संयोजक शैलेन्द्र शरण सिंपल, जिला परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति ज्ञान तिवारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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