अंबेडकरनगर (संवाददाता)। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रस्तुत यूपी बजट 2026–27 में पावरलूम बुनकरों के लिए हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा तो की गई है। लेकिन टांडा के बुनकरों की सबसे बड़ी उम्मीद फ्लैट रेट बिजली दर में कमी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच यह अंतर बुनकर समुदाय के लिए गहरी निराशा और चिंता का विषय बना हुआ है। बजट में अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बिजली फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि बिजली दरों में कटौती या योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
इसका सीधा असर यह है कि टांडा के पावरलूम बुनकर अब भी महंगी बिजली की समस्या से जूझते रहेंगे और योजनाएं केवल कागजों और सरकारी घोषणाओं तक सीमित रह सकती हैं। स्थानीय बुनकरों और उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। एक पावरलूम बुनकर ने बताया कि उनकी स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। बिजली महंगी है और कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार ये योजनाएं बुनकरों के लिए केवल दिखावा साबित हो रही हैं।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि केवल बजट में धन का प्रावधान और योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है। जब तक बिजली दरों में वास्तविक राहत और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होगा, तब तक टांडा के पावरलूम बुनकरों को कोई ठोस लाभ नहीं मिल पाएगा।





