वाराणसी। महमूरगंज स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय मे बौद्धायन सोसाइटी संस्था द्वारा आयोजित 15 दिवसीय “पंडित वासुदेव द्विवेदी स्मृति गानमाला” प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ आज मंगलवार को विधिवत् पूजन एवं मंगलाचरण के साथ शुभारंभ हुआ। उद्घाटन के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि संस्कृत के प्रोफेसर,भारत अध्ययन केन्द्र का.हि.वि.वि.के समन्वयक प्रो.शरदिन्दु कुमार तिवारी ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पं.वासुदेव द्विवेदी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए संस्कृत के सीखने जानने पर विशेष बल दिया । विशिष्ट अतिथि के रूप मे केन्द्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान सारनाथ के शब्दविद्यासंकाय के प्रोफेसर धर्मदत्त चतुर्वेदी ने संपूर्ण जीवन को संस्कृत से जोड़कर सारगर्भित वक्तव्य दिया।अध्यक्षीय उद्बोधन मे आचार्य नन्दिता शास्त्री ने संस्कृत के व्यावहारिक पक्ष पर बहुत ही महत्वपूर्ण,निज अनुभवों यर आधारित वक्तव्य से अभिभूत किया।
प्रारम्भ में संस्था के अध्यक्ष प्रो० श्रद्धानंद, (पूर्व संकायाध्यक्ष काशी विद्यापीठ) ने अंगवस्त्रम्,स्मृतिचिन्ह देकर और स्वागत भाषण से सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मञ्जरी पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम के उद्देश्य,पहल और उपयोगिता पर विचार रखते हुए कार्यशाला का स्वरूप सबके समक्ष रखते हुएकहा कि संस्कृत हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की धरोहर है। संगीत के माध्यम से संस्कृत के प्रसार का यह सांगीतिक प्रयास भाषा के प्रति नवीन पीढ़ी में जागरूकता उत्पन्न करेगा। आगामी 15 दिनों तक प्रतिभागियों को गुरुवर के संस्कृत गीतों का नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के कोषाध्यक्ष नवल किशोर गुप्त ने किया। दूसरे सत्र में कार्यशाला के प्रशिक्षण प्रशिक्षण का शुभारम्भ हुआ ।कुशल संचालन डाॅ सरोज पाण्डेय जी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के प्रबंधकारिणी सदस्य कुमार सौरव ने दिया। इस अवसर पर योगेन्द्र सिन्हा ,सुषमा मिश्र,अविनाश पाण्डेय,अजय पाठक, भानुप्रताप,गौतम अरोड़ा,अरुण द्विवेदी आदि अनेक गणमान्य अतिथि और संस्था के लोग उपस्थित रहे।





