अलीगढ़। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में सोमवार को उपजिलाधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों के साथ कर-करेत्तर एवं राजस्व संग्रह की समीक्षा की गई। डीएम ने ईओ खैर के बैठक से अनुपस्थित होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए निर्देशित किया कि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय न छोड़े अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है ऐसे में सभी अधिकारी राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करें।
जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत सभी एसडीएम एवं ईओ को प्लास्टिक मुक्त अभियान का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वह तहसील के बड़े बकाएदारों की सूची को अद्यतन रखें और नोटिस जारी की कुर्की करना सुनिश्चित करें। डीएम ने जिले में विगत दिनों धर्मकांटों में मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला बाटमाप अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी धर्मकांटों को पारदर्शी तरीके से संचालित कराना सुनिश्चित करें। इस पर बाटमाप अधिकारी ने बताया कि अब तक 18 प्रकरणों में जांच करते हुए 08 धर्मकांटों में अनियमितता पाए जाने पर चालान कर बंद कराया गया है, कार्यवाही जारी है।
जिलाधिकारी ने न्यायालयों में लंबित विभिन्न वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि 05 साल पुराने सभी वादों का प्राथमिकता से निस्तारण कराते हुए उन्हें जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम एवं एसीएम को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण के लिए अपने स्तर से भी बैठक कर संबंधित की जिम्मेदारी तय करें और मानक पूरा न करने वाले कार्मिकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दें ताकि वाद निस्तारण में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने विभिन्न न्यायालयों द्वारा जारी किए गए आदेशों का भी धरातल पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एमओयू मॉनिटरिंग, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम आवास शहरी, आईजीआरएस, तालाब आवंटन, एंटी भू-माफिया, अभिलेख त्रुटि सुधार, पैमाइश समेत अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम प्रशासन पंकज कुमार, एडीएम वित्त प्रमोद कुमार, समेत सभी एसडीएम, एसीएम, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।





