देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारियाँ प्रारम्भ हो चुकी हैं,जिसके लिए केंद्र, राज्य, जिला एवं तहसील स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। यह जनगणना देश की 16वीं जनगणना तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी,जो गांव,शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं सबसे विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है।
जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में एक साथ 22 मई से 20 जून तक कराया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना कराई जाएगी। जनसंख्या गणना पूरे देश में फरवरी 2027 में संपन्न होगी।
जनगणना–2027 का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा । पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self- Enumeration) का विकल्प प्रदान किया गया है । इसके अंतर्गत, राज्य में जनगणना के क्षेत्रीय कार्य आरंभ होने से 15 दिन पूर्व, अर्थात् 7 से 21 मई 2026 तक, सभी नागरिक सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रश्नावली भरकर अपनी जनगणना स्वयं करने हेतु उपलब्ध विकल्प का उपयोग कर सकते हैं । इस संबंध में नगर निकायों एवं ग्रामों के जीआईएस-आधारित मानचित्रों तथा गणना ब्लॉक तैयार करने हेतु डिजिटल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा।
वाराणसी समीक्षा बैठक के दरमियान श्रीमती शीतल वर्मा,आईएएस,मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक,जनगणना कार्य निदेशालय,उत्तर प्रदेश,गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने सोमवार को कमिश्नरी सभागार तैयारी की समीक्षा की। जिसमें वाराणसी मंडल के मंडलायुक्त एवं चारों जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ कमिश्नरी सभागार में वाराणसी मंडल के जनगणना कार्यों के संबंध में की गई।श्रीमती शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक एवं आवासीय स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी,जो भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीति निर्माण का आधार बनेगी।
उन्होंने कहा कि,मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान प्रगणक द्वारा भवन के उपयोग, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, खाना पकाने में प्रयुक्त ईंधन के प्रकार, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज तथा फोन, वाहन, टेलीविजन एवं इंटरनेट सुविधा जैसी परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रकार की सूचनाओं के विषय में आँकड़ों का संग्रह किया जाएगा।
बैठक का समन्वय डॉ.एस.एस.शर्मा, संयुक्त निदेशक (जनगणना), भारत सरकार द्वारा किया गया। बैठक में वाराणसी मंडल के चारों जनपदों के जिलाधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त वाराणसी,सभी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), संयुक्त शिक्षा निदेशक, उपनिदेशक सूचना, उपनिदेशक पंचायती राज, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





