शशि थरूर अब कांग्रेस की बैठकों में सक्रिय रहेंगे और केरल चुनाव में प्रचार करेंगे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से दो घंटे की मुलाकात के बाद थरूर ने पार्टी हाईकमान से मतभेद खत्म होने की बात कही। उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने और सम्मान देने का आश्वासन मिला है। थरूर ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से इनकार करते हुए कांग्रेस की एकजुटता पर जोर दिया।
लंबे समय से नाराज चल रहे कांग्रेस के तेजतर्रार नेता शशि थरूर अब पार्टी की बैठकों से न दूरी बनाएंगे, न ही बगावती तेवर दिखाएंगे। इसके उलट केरल विधानसभा चुनाव में थरूर पूरी शिद्दत से कांग्रेस के प्रचार अभियान में जुटेंगे।
पार्टी हाईकमान ने भी आगे बढ़कर थरूर का हाथ थामे रखने का संदेश देते हुए भरोसा दिया कि उन्हें कांग्रेस की निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। कद के अनुरूप उन्हें उचित सम्मान भी मिलेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ गुरुवार को दो घंटे लंबी बातचीत में थरूर व शीर्ष नेतृत्व के बीच यह सहमति बनी।
थरूर का एलान
अपने गिले-शिकवे दूर करने के बाद थरूर ने भी एलान किया शीर्ष नेतृत्व के साथ कोई मतभेद नहीं और हमारा ²ष्टिकोण बिल्कुल एक है। केरल चुनाव में कांग्रेस के एकजुट होकर उतरने का संदेश देने के लिए थरूर ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी की होड़ में शामिल होने की बात से भी इन्कार किया।
केरल में चुनावी फतह के लिए पूरा जोर लगा रही कांग्रेस सूबे में पार्टी नेताओं की गुटबाजी थामने में कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती और थरूर की नाराजगी ही इस मोर्चे पर उसकी चुनौती थी। अप्रैल-मई में होने वाला केरल का चुनाव कांगेस की राष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद अहम है।
संसद भवन में खरगे के दफ्तर में हुई बैठक में थरूर और हाईकमान ने पुरानी बातें पीछे छोड़ एक-दूसरे का हाथ थामे हुए आगे बढ़ने की हामी भरी। सूत्रों के अनुसार इस दौरान राहुल गांधी ने थरूर से कहा कि उनकी सेवाओं की कांग्रेस को बहुत जरूरत है और उन्हें दरकिनार नहीं किया जाएगा और आगे महत्वपूर्ण फैसले लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भी भागीदारी होगी।
क्या लेंगे कोई नई भूमिका?
थरूर ने भी कांग्रेस के दोनों शीर्षस्थ नेताओं से वादा किया कि चुनाव प्रचार में वे सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर समेत कुछ विषयों पर अपनी टिप्पणियों पर सफाई देते हुए थरूर ने कहा कि उनके बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के संदर्भ में थे। संसद के भीतर या बाहर वे कभी भी कांग्रेस के आधिकारिक रुख से नहीं भटके।
शशि थरूर ने पत्रकारों से कहा ”मैंने अपने दो शीर्ष पार्टी नेताओं से बात की, सब ठीक है और हम सब एक साथ काम कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर थरूर ने कहा कि वे तिरुअनंतपुरम से सांसद हैं और किसी नई भूमिका की तलाश में नहीं हैं।





