48 टीमें फील्ड में लगाईं गईं, डी एम ने की अभियान की शुरुआत
पशु पालन विभाग की ओर से गुरुवार को गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं के टीकाकरण के तीसरे चरण के अभियान की शुरुआत की।45दिन के टीकाकरण अभियान में खुरपका और मुंहपका रोंगो से पशुओं को सुरक्षित करने के लिए टीके लगाए जायेंगे। अभियान का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी संजय चौहान ने 48 टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि खुरपका-मुंहपका एक गंभीर संक्रामक पशु रोग है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति होती है। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए अधिक से अधिक पशुओं का समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला ने बताया कि यह टीकाकरण अभियान 22 जनवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक कुल 45 दिनों तक चलेगा। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा, जिसमें चार माह से कम आयु के पशु एवं आठ माह से अधिक अवधि की गाभिन पशुओं को शामिल नहीं किया गया है। इस चरण में जनपद के 4,20,261 पशुओं का निशुल्क टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है, जिसके संक्रमण से पशुओं में तेज बुखार, मुंह से लार गिरना, मुंह एवं पैरों में छाले, चारा न खाना तथा दूध उत्पादन में भारी गिरावट हो जाती है। गाभिन पशुओं में गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है तथा समय पर उपचार न मिलने पर पशु की मृत्यु भी हो सकती है। यह रोग विशेष रूप से विदेशी नस्ल की गायों को अधिक प्रभावित करता है। इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा पोषित एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित है, जिसके अंतर्गत पशुपालकों के द्वार पर निशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सभी पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए गांववार रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। उन्होंने जनपद के समस्त पशुपालकों से अपील की है कि जब उनके गांव में टीकाकरण टीम पहुंचे, तो अपने पशुओं का टीका अवश्य लगवाएं, ताकि पशुओं को इस घातक रोग से सुरक्षित रखा जा सके।





