मौदहा (हमीरपुर)। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बांदा की एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सुमेरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से ब्लॉक परिसर और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
सुमेरपुर विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत सचिव शिवशंकर पाल के पास ग्राम पंचायत बदनपुर का अतिरिक्त प्रभार था। ग्राम पंचायत प्रतिनिधि अजय साहू के मुताबिक, उनके गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का निर्माण कार्य कराया गया था, जिसकी कुल लागत 1 लाख 30 हजार रुपये थी।
आरोप है कि इस भुगतान को जारी करने के बदले में सचिव शिवशंकर पाल 30 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। जब अजय साहू ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो मामला 10 हजार रुपये पर तय हुआ। इसके बाद पीड़ित ने भ्रष्टाचार की शिकायत बांदा स्थित एंटी करप्शन टीम से कर दी।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम गठित की गई। जैसे ही सचिव ने पटेल नगर, सुमेरपुर में रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद सचिव को मौदहा कोतवाली लाया गया, जहां उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
”ग्राम पंचायत प्रतिनिधि की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। सचिव शिवशंकर पाल को 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया है और मौदहा पुलिस के सुपुर्द कर आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।”





