डीएसएफ़टी,आईएएस,बीएचयू में प्रशिक्षण के 10वें दिन विशेष योग सत्र
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित उच्च शिक्षा में क्षमता निर्माण के लिए अपने समग्र एवं प्रगतिशील दृष्टिकोण के अंतर्गत,कृषि विज्ञान संस्थान (आईएएस), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसएफ़टी) द्वारा आईसीएआर-प्रायोजित एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग (सीएएफ़टी) कार्यक्रम“फंक्शनल डेयरी फूड्स: कॉन्सेप्ट से व्यावसायीकरण तक”के प्रतिभागियों हेतु एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। सीएएफ़टी प्रशिक्षण कार्यक्रम के 10वें दिन यह योग सत्र आज बुधवार को प्रातः काल आयोजित हुआ।
योग सत्र का संचालन अभिषेक गुप्ता,योग प्रशिक्षक,आयुर्वेद संकाय,आईएमएस, बीएचयू द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक रूप से संरचित मॉड्यूल के माध्यम से योगासन, प्राणायाम,श्वसन तकनीकें तथा माइंडफुलनेस अभ्यास कराए। सत्र में शारीरिक लचीलापन,मानसिक सजगता, तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक संतुलन पर विशेष बल दिया गया,जो शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रयोगशाला-आधारित कार्यों में संलग्न शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।सीएएफ़टी प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग का समावेश,भारतीय पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा के साथ एकीकृत करने की बीएचयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का मुख्य विषय नवाचार, फंक्शनल फूड विकास तथा डेयरी-आधारित उत्पादों का व्यावसायीकरण है। योग सत्र ने प्रतिभागियों में मानसिक एकाग्रता,रचनात्मकता, सहनशीलता एवं सतत बौद्धिक सहभागिता को प्रोत्साहित कर इन उद्देश्यों को प्रभावी रूप से सुदृढ़ किया।इस अवसर पर कृषि विज्ञान संस्थान (आईएएस),बीएचयू के निदेशक डॉ. यू.पी.सिंह ने पहल की सराहना करते हुए कहा,”सीएएफ़टी जैसे उच्च स्तरीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग का समावेश शिक्षा के प्रति बीएचयू की समग्र दृष्टि को दर्शाता है।





