फॉर्म 6, 7 व 8 भरने की दी गई विस्तृत जानकारी
गोरखपुर। 321 पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से तहसील भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ईआरओ/अपर एसडीएम सदर सुजीत तिवारी ने की। इस अवसर पर विधानसभा क्षेत्र के सभी एईआरओ (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ईआरओ ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत फॉर्म 6, फॉर्म 7 एवं फॉर्म 8 से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र नागरिकों का नाम अनिवार्य रूप से मतदाता सूची में जोड़ा जाए, ताकि कोई भी योग्य व्यक्ति मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए। इसके लिए बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन कार्य पूरी गंभीरता के साथ करें।
ईआरओ सुजीत तिवारी ने स्पष्ट किया कि नए मतदाता का नाम जोड़ते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम अवश्य दर्ज हो। इससे आवेदक की पहचान एवं निवास की पुष्टि में आसानी होगी। यदि परिवार के किसी सदस्य का नाम मतदाता सूची में उपलब्ध है, तो उसका सही तरीके से उल्लेख फॉर्म में किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि विभिन्न श्रेणियों के मतदाताओं के लिए कौन-कौन से प्रमाण पत्र मान्य होंगे। फॉर्म 6 भरते समय आयु एवं निवास प्रमाण पत्र के साथ घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन) भरना अनिवार्य होगा। बिना घोषणा पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, फॉर्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने तथा फॉर्म 8 के जरिए नाम, पता, फोटो अथवा अन्य विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
ईआरओ ने सभी एईआरओ एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि फॉर्म भरवाते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक आवेदन की गहन जांच एवं सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए कार्य किया जाए, ताकि मतदाता सूची पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।
बैठक के अंत में ईआरओ/अपर एसडीएम सदर सुजीत तिवारी ने कहा कि शुद्ध एवं सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की गई कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल कराएं।





