कड़ाके की ठंड के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए जमीयत उलेमा हमीरपुर की ओर से शनिवार सुबह मौदहा कस्बे के बड़े चौराहे पर राहगीरों व यात्रियों के लिए चाय-कॉफी वितरण का आयोजन किया गया। सुबह 8 बजे से शुरू हुए इस सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाना और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना रहा।
यह कार्यक्रम जमीयत उलेमा हमीरपुर के अध्यक्ष एवं कम्हरिया स्थित मदरसा सैयदना अबू बक्र सिद्दीक के संस्थापक व निदेशक मौलाना शकीलुद्दीन नदवी की सरपरस्ती में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान जमीयत उलेमा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यात्रियों, मजदूरों, राहगीरों तथा स्थानीय नागरिकों को गर्म चाय और कॉफी वितरित की।
सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय लोगों ने जमीयत उलेमा के इस मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। लोगों का कहना था कि जमीयत उलेमा हमीरपुर समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आती रही है और बिना किसी धर्म, जाति या भेदभाव के सेवा को अपना कर्तव्य मानती है। नागरिकों ने संगठन को भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर जमीयत उलेमा हमीरपुर के जनरल सेक्रेटरी मुहम्मद अनवार, कोषाध्यक्ष अरशद खान, उपाध्यक्ष अय्यूब खान, सभासद नवाबुद्दीन, डॉ. मुहम्मद शादाब, कलीम चौधरी, न्यामत अल्ला, सेक्रेटरी रेहान, हाजी डॉ. मुहम्मद अब्बास सहित जमीयत उलेमा जिला हमीरपुर के अनेक सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सेवा भावना को मजबूत करना ही ऐसे आयोजनों का मूल उद्देश्य है। जमीयत उलेमा हमीरपुर का यह सेवा कार्य न केवल ठंड से राहत पहुंचाने वाला रहा, बल्कि सामाजिक सौहार्द और इंसानियत के संदेश को भी मजबूती से आगे बढ़ाने वाला साबित हुआ।





