जालौन(उरई)। विकासखंड जालौन के सभागार में ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीते पाँच वर्षों के दौरान कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा के साथ पंचायतों को आ रही गंभीर वित्तीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में ब्लॉक प्रमुख व ग्राम पंचायत की ओर से कोई भी नया प्रस्ताव नहीं डाला गया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक पंचायतों का लंबित भुगतान जारी नहीं किया जाता, तब तक न तो कोई नया विकास कार्य कराया जाएगा और न ही विकासखंड स्तर से कोई प्रस्ताव भेजा जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख ने पंचायतों के साथ हो रहे कथित तानाशाही रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानों पर अनावश्यक दबाव बनाना अनुचित है। पंचायतों ने शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने का कार्य किया है, लेकिन भुगतान न मिलने से पंचायतों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, जिससे विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पंचायतों का बकाया भुगतान नहीं किया गया और लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो सभी ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने भी एक स्वर में कहा कि भुगतान न मिलने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं तथा ठेकेदारों व मजदूरों को भुगतान करना संभव नहीं हो पा रहा है।
बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पंचायतों की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में खंड विकास अधिकारी गणेश कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्राम प्रधान शंभू सिंह सेंगर, बीडीसी औरेखी राघवेंद्र नगाइच,संजय सिंह सेंगर, अनिल सेंगर, शिखा सेंगर, प्रतिनिधि अभिनाश सेंगर, जिनेंद्र कुमार, बृजेश सिंह, शिव मंगल, आशू तिवारी, बीडीसी सुभाष द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।





