महोबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशां पर बुधवार को राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के अन्तर्गत जनपद न्यायाधीश राम नगीना यादव की अध्यक्षता मे समस्त न्यायिक अधिकारीगण के साथ जनपद न्यायालय सभागार मे बैठक संपन्न हुई। बैठक मेंजिला जज ने चलाए जा रहे राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान से सम्बन्धित कार्यकलापों पर चर्चा करते हुए समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के तत्वावधान में सम्पूर्ण देश में पूरी जनवरी चलाए जा रहे अभियान से बावत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया कि राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान में विभिन्न प्रकृति जैसे वैवाहिक विवाद के मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, घरेलू हिंसा के मामले, चैक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले. ऋण वसूली के मामले, सम्पत्ति के बंटवारें से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले एवं अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को मध्यस्थता हेतु सन्दर्भित कर निस्तारण किया जायेगा। बताया कि इस अभियान का उदेश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराना है।
बैठक दौरान अपर जिला जज तेंद्र पाल ने बताया कि 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के अन्तर्गत मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में सुलह योग्य लम्बित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में मध्यस्थता केन्द्र, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संदर्भित कराते हुए सुलह समझौते के आधार पर लम्बित प्रकरणों को अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से उपरोक्त राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के अन्तर्गत न्यायालयों में सुलह योग्य लम्बित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में मध्यस्थता केन्द्र जनपद न्यायालय में संदर्भित कराते हुए सुलह समझौते के आधार पर लम्बित प्रकरणों को अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराने में सहयोग प्रदान करने की बात कही।





