आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तारपूर्वक दी गई जानकारी, लोगों को बाल विवाह न कराने एवं बाल विवाह के विरुद्ध सक्रिय रूप से सहयोग करने की दिलाई शपथ
महोबा। जिले में “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के तहत बाल विवाह के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्यवाही एवं व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बाल विवाह न केवल एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है, जो बच्चों विशेषकर बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर और दीर्घकालिक दुष्प्रभाव डालता है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह के निर्देश एवं अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी यातायात तेज प्रकाश सिंह के नेतृत्व में बस स्टॉप महोबा पर एक विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारी द्वारा यातायात प्रभारी सुनील कुमार के साथ आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई तथा उपस्थित लोगों को बाल विवाह न कराने एवं बाल विवाह के विरुद्ध सक्रिय रूप से सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।
जनता को अवगत कराया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बाल विवाह प्रतिबंधित है और यह एक संज्ञेय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों एवं सहयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
साथ ही यह भी बताया गया कि बाल विवाह की सूचना देने के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन सहित अन्य सहायता नंबर उपलब्ध हैं, जहाँ सूचना देने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
बाल विवाह विशेष रूप से बालिकाओं के लिए अत्यंत घातक है, जिससे उन्हें शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनके जीवन के अनेक अवसर समाप्त हो जाते हैं।
पुलिस एवं प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर कार्य करना होगा। जनसहयोग से ही एक सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त भविष्य का निर्माण संभव है।





