साइबर क्राइम, आईजीआरएस के प्रकरणों की हुयी समीक्षा
ललितपुर। पुलिस अधीक्षक मो.मुश्ताक ने गूगल मीट के माध्यम से राजपत्रित अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों के साथ गूगल मीटिंग कर मिशन शक्ति केन्द्र, साइबर सेल, आईजीआरएस आदि प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर शिकायतों का उचित, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में जिले के थानों पर नियुक्त समस्त मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी को निर्देशित कर महिला सम्बन्धित अपराधों की रोकथाम करने तथा प्राप्त शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुये नियमानुसार उचित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने, पंजीकृत अभियोगों में शीघ्र गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार समयबद्ध विवेचनात्मक कार्यवाही करना सुनिश्चित करे। मिशन शक्ति केन्द्र के रजिस्टरों का निर्धारित प्रारूप में तैयार करने, उचित रख-रखाव करने, रजिस्टरों को अध्यावधिक करने हेतु निर्देशित किया। मिशन शक्ति केन्द्र में प्राप्त शिकायत को निर्धारित रजिस्टर में विवरण अंकित करने तथा कम्प्यूटर पर संबंधित पोर्टल पर फीड करने हेतु निर्देशित किया गया है।
महिला सुरक्षा एवं सम्मान से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित रूप से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित कर मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। महिला सम्बन्धी अपराधों से सम्बन्धित विवेचनात्मक कार्यवाही में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एफएसएल, सर्विलांस, साइबर आदि से सम्बन्धित साक्ष्यों का अनिवार्य रूप से सम्मिलित करना सुनिश्चित करें। सभी मिशन शक्ति केन्द्र के लिये सीयूजी नम्बर आवंटित किया गया है, जिसका व्यापक प्रचार प्रसार करने तथा प्राप्त शिकायतों का उचित, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वह नियमित रूप से एण्टीरोमियों की टीम द्वारा की जा रही चैकिंग का मानिटरिंग करना सुनिश्चित करें। मिशन शक्ति फेज-5.0 के दृष्टिगत प्रतिदिन स्कूलों, कालेज, बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थान, पार्को में जाकर महिलाओं को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने के सम्बन्ध मे निर्देश दिये।
साथ ही महिलाओं, बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा, 108 एम्बुलेंस सेवा, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन आदि के बारे में जागरूक करने हेतु निर्देशित किया। मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी व समस्त टीम को निर्देशित किया गया कि महिला सम्बन्धी अपराध से सम्बन्धित पीडि़ता, आवेदिका की सभी दृष्टिकोंण से उचित काउन्सिलिंग करना सुनिश्चित करें। साइबर क्राइम सेल को निर्देशित किया गया कि साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों के खातों से धोखाधड़ी पूर्वक निकाली गई धनराशि से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल प्रभाव से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही जैसे बैंक खातों में डेविट फ्रीज कराना, बैंक व अन्य वित्तीय एजेंसियों से समन्यवय स्थापित कर धोखाधड़ी हुयी धनराशि को पीडि़त के बैंक खाते में वापस कराया जा सकें।
फ्रॉड हुये लाइन करने के लिये अपनायी जाने वाली एसओपी के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी तथा उसका अक्षरश- अनुपालन करने हेतु निर्देशित किया गया जिससे कि वित्तीय धोखाधड़ी के प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही अमल में लायी जा सकें। मोबाइल नम्बर, ईएमआईएमआई नम्बर, अनब्लॉकिंग के सम्बन्ध में निर्धारित एसओपी का अनुपालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। इनट्रिम कम्पलेन, रिजिंग रिक्वेस्ट के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित थाना, जनपद स्तरीय साइबर क्राइम सेल को निर्देशित किया गया कि इस प्रकार की शिकायतों का त्वरित रूप से संज्ञान लेकर सम्बन्धित पोर्टल पर आवश्यक डाटा का भरना, अपलोड करना सुनिश्चित करें जिससे कि उक्त शिकायत का उचित व प्रभावी रूप से निस्तारण किया जाना सुनिश्चित हो सकें।
एमएचए द्वारा संचालित प्रतिबिन्ब पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों/डिटेल्स का भौतिक रूप से सत्यापन करना सुनिश्चित करें जिससे कि जनपद के साइबर अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा सके तथा साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। समन्वय पोर्टल पर प्राप्त नोटिस/सम्मन की तामीला भौतिक रूप से करना सुनिश्चित करें जिससे कि जनपद के साइबर अपराधियों के विषय में मूलभूत जानकारी प्राप्त की जा सके तथा उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही अमल में लायी जा सके। इसके अतिरिक्त एनसीसीआरवी पोर्टल, सीईआईआर पोर्टल आदि पोर्टलों का भी ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने तथा प्राप्त तकनीकी डाटा का तार्किक रूप से अवलोकन व विश्लेषण करते हुए साइबर अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। जिले के समस्त क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों को लम्बित आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा कर, आईजीआरएस के सभी संदर्भो में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का उनका उचित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना तथा शत-प्रतिशत प्रकरणों का अनिवार्य रुप से फीड़बैक लेना सुनिश्चित करें।





