किसी भी विभाग का प्रकरण लम्बित मिला तो सम्बन्धित के विरूद्ध होगी कड़ी कार्रवाई- डीएम
इस दौरान कुल 16 प्रार्थना पत्र हुए प्रस्तुत, मौके पर मात्र 2 प्रार्थना-पत्रों हुआ निस्तारण
सिद्धार्थनगर। तहसील नौगढ़ में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन की उपस्थिति में सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस दौरान राजस्व, विकास, शिक्षा, पूर्ति एवं अन्य विभागों के शिकायतों की सुनवाई जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, तथा पुलिस विभाग से सम्बन्धित शिकायतों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन द्वारा किया गया। जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के आख्या का अवलोकन किया गया। निर्देश दिया कि भूमि से संबधित विवाद मौके पर जाकर निरीक्षण कर निस्तारण कराये।
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त हो रही शिकायतों एवं आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समय से एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही शिकायतकर्ता एवं विपक्षी दोनों के समक्ष जांच कर कार्यवाही किया जाये। किसी भी विभाग का तहसील दिवस का कोई भी प्रकरण लम्बित नही होना चाहिए यदि किसी भी विभाग का प्रकरण लम्बित पाया जायेगा तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। लेखपाल एवं कानूनगो मौके पर जाकर शिकायत के निस्तारण से पूर्व निरीक्षण कर उसके बाद की आख्या लगायेगे इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होनी चाहिए।
सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस के आयोजन के अवसर पर कुल 16 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए जिसमें राजस्व-12, पुलिस विभाग से सम्बन्धित-4, प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत हुए। जिलाधिकारी द्वारा राजस्व के 2 प्रार्थना-पत्रों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। तहसील दिवस में प्राप्त शेष शिकायती प्रार्थना पत्रों को तीन दिवस के अन्दर शत-प्रतिशत निस्तारण की कार्यवाही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी को सुनिश्चित करने हेतु निर्र्देिशत किया गया।
इस अवसर पर पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, तहसीलदार नौगढ़ देवेन्द्र मणि त्रिपाठी , तहसील नौगढ़ क्षेत्र के अन्तर्गत समस्त थानाध्यक्ष एवं खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, सीडीपीओ व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





