Tuesday, February 24, 2026
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Putin India Visit: रूसी लोग भारतीय शेयर बाजार में कर पाएंगे निवेश, रूस के सबसे बड़े बैंक का Nifty 50 से हुआ करार

राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान, रूस का सबसे बड़ा बैंक सर्बैंक भारतीय शेयर बाजार में निवेश करेगा। रूसी निवेशक निफ्टी 50 में पैसा लगा पाएंगे। बैंक सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश करेगा। प्रतिबंधों के चलते रूस रुपये में लेन-देन बढ़ा रहा है। सर्बैंक को भारत को सोने के निर्यात का लाइसेंस भी मिला है और वह भारत में अपनी शाखाएं बढ़ाने की योजना बना रहा है।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin In India) दो दिवसीय यात्रा पर भारत में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए कल शाम को वायु सेना स्टेशन पालम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आगमन पर उनका स्वागत किया। ऐसे में रूस का सबसे बड़ा बैंक सर्बैंक (SBER) भारत के शेयर बाजारों में निवेश (Russia Invest in Share Market) करेगा। अब रूस के रिटेल निवेशक भी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में पैसा लगा पाएंगे। खुद रूस बैंक के सीईओ और चेयरमैन हरमन ग्रेफ ने गुरुवार को कहा को यह एलान किया है। उनके मुताबिक भारत में बैंक की निवेश योजनाओं में सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश शामिल है।

ग्रेफ 2000-2007 तक रूस के व्यापार और अर्थव्यवस्था मंत्री रहे हैं और उसके बाद से इस सरकारी बैंक के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंक ने हाल ही में प्राइवेट रूसी निवेशकों के लिए निफ्टी 50 कंपनियों में निवेश करने हेतु एक डिवाइस लॉन्च किया है। निफ्टी 50 एक शेयर बाजार इंडेक्स है जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड 50 सबसे बड़ी भारतीय कंपनियों पर बढ़त-गिरावट और इससे जुड़े शेयरों, कंपनियों की अन्य जानकारी देता है।

प्रतिबंधों के बाद

रूस का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैंकों में अरबों डॉलर मूल्य के रुपये बेकार पड़े हैं। यह जमावड़ा इसलिए हुआ है क्योंकि यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस के लिए व्यापार के लिए डॉलर या यूरो का इस्तेमाल करना मुश्किल कर दिया है, जिससे मॉस्को को नई दिल्ली के साथ ज्यादा लेन-देन भारतीय मुद्रा में करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

सर्बैंक की रूस से निर्यात प्रबंधन में क्या है भूमिका

रूस का सबसे बड़ा बैंक सर्बैंक, भारत से रूस को होने वाले लगभग 65-70% निर्यात और रूस से भारत को होने वाले लगभग 10-15% निर्यात का प्रबंधन करता है। दोनों देशों के बीच अब कुल द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब डॉलर का है।

पिछले तीन साल में पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच, रूसी संस्थाएं भारत में जमा अपने धन के लिए नए निवेश विकल्पों की तलाश कर रही हैं, मुख्य रूप से रुपया वोस्ट्रो खातों में। भारत-रूस व्यापार में निवेश के अवसरों की कमी, विनिमय दरों में निरंतर अस्थिरता और फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद धन प्रत्यावर्तन की चुनौतियों के कारण ये वोस्ट्रो खाते खोले गए थे।

सोने के निर्यात के लिए खास लाइसेंस भी मिला

एक अन्य प्रमुख घटनाक्रम में, बैंक को भारत को सोने के निर्यात के लिए एक विशेष लाइसेंस मिल गया है। भारत सोने का एक प्रमुख आयातक है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में सोने का आयात साल-दर-साल 199.2% बढ़कर 14.72 अरब डॉलर हो गया, जिसमें दबी हुई मांग और त्योहारी सीजन का योगदान रहा।

बैंकिंग लाइसेंस और देश के दो शहरों में शाखाओं के साथ, Sberbank देश में अपने परिचालन का विस्तार करने और भारत में पूर्ण खुदरा सेवाएं प्रदान करने की योजना बना रहा है। ग्रीफ ने बताया कि उसका लक्ष्य देश में कुल 10 शाखाएं स्थापित करना है। वह नई दिल्ली में 40,000-50,000 वर्ग फुट का एक कॉर्पोरेट ऑफिस भी बनाएगा।

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