वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति की बैठक में 195वीं जयंती धूमधाम से मनाने की तैयारी
बुधवार की शाम वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति की बैठक बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष हुई। बैठक में 22नवम्बर को 195वीं जयंती धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में आयोजन समिति ने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से वीरांगना झलकारी बाई के नाम से खेल पुरस्कार शुरू करने और बाई पास तिराहे पर वीरांगना झलकारी बाई की आदमकद प्रतिमा की स्थापना की मांग की गई।
बैठक में जयंती समारोह में सर्व समाज के लोगों से शामिल होने की अपील की गई। बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई और उनके पति गोलंदाज पूरन कोरी ने भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपनी वीरता के बल पर अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ा दिये और रणभूमि में हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान किया। भारतीय इतिहासकारों की भेदभावपूर्ण लेखनी के कारण इस वीरांगना का बलिदान बहुत देर में भारतीय जनमानस के समक्ष प्रकाश में आया।
- जिला अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री ने कहा है वीरांगना झलकारी बाई हमारे समाज की राष्ट्रीय गौरव और पहचान हैं।
- आयोजन समिति के सदस्य श्याम लाल ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की जयंती 22नवम्बर को घर घर मनाई जानी चाहिए।
- शिक्षक और कवि राम चन्द्र सरस ने वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर उत्तर प्रदेश सरकार से सरकारी तौर पर स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करने कराने की मांग की।
- सेवानिवृत्त शिक्षक पलटूराम ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई राष्ट्र की गौरव हैं , उन्हें किसी जाति,पंथ, सम्प्रदाय की सीमा में नहीं बांधा जा सकता।
- बैठक की अध्यक्षता संयोजक कुल रोशन एडवोकेट और संचालन राम चन्द्र बौद्ध ने किया।
- बैठक में पलटूराम,सत्यम् कोरी, कुल रोशन एडवोकेट, राधेश्याम, फूलचंद कोरी,राम प्रसाद, प्रमोद कुमार राव,राम चन्द्र सरस, श्याम कुमार, श्याम लाल , उमानाथ , वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।





