दुर्गा पूजा पंडालों पर सुबह शाम आरती के समय जुट रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़
नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक स्थित सभी देवी मंदिरों पर नवरात्रि की षष्ठी तिथि के दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना किया गया। मां कात्यायनी की सवारी शेर है। माता की चार भुजाएं हैं और उनके सिर पर हमेशा मुकुट सुशोभित रहता है।
दो भुजाओं में कमल और तलवार धारण करती हैं। मां एक भुजा वर मुद्रा और दूसरी भुजा अभय मुद्रा में रहती है। मान्यता है कि अगर भक्त विधि-विधान से माता की पूजा करें तो उनके विवाह में आ रही अड़चनें खत्म हो जाती है।
नगर के ऐतिहासिक मंदिर देवीपाटन धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं ने जयकारे के साथ प्रसाद का वितरण किया।
मां कालिकन धाम में श्रद्धालुओं ने सुबह 5:00 बजे से ही दर्शन शुरू किया। लंबी लंबी कतारे लगी रही श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए।
जंगल रामनगर के पूरे मुराई का पुरवा गांव में स्थित दुःख हरण धाम पर श्रद्धालु सुबह से ही पूजा अर्चना करने में लग रहे। परिसर मेले जैसा दिखाई दिया। देवीपाटन मंदिर पर दिनभर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए और पूरा परिसर मेले में तब्दील रहा।
नवरात्रि पर्व पर नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक दुर्गा पंडाल भी सजाए जा रहे हैं। कई जगह नवरात्रि पर्व के चौथे दिन दुर्गा पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित कर दी गई। कई जगह अभी पंडाल सजाए जा रहे हैं। सप्तमी पर्व के दिन पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। जिनका विसर्जन पूर्णिमा के दिन किया जाएगा।





