इटावा। द्वयमातुर का हुआ आगमन-गणेश चतुर्थी
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः
निर्विघ्नं कुरुं देवःसर्वकार्येषु सर्वदा।
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ बुधवार को ज्ञान स्थली आवासीय विद्यालय का प्रांगण गूंज उठा।विद्यालय की प्रातःवंदना के बाद विद्यालय समिति के अध्यक्ष शिव प्रसाद यादव,प्रधानाचार्य अंशुल तिवारी तथा विद्यालय प्रबंधन प्रमुख शिवमंगल सर जी द्वारा गणपति बप्पा के चरणों में पुष्प अर्पित कर पुष्पाहार किया तथा सभी छात्रों के मनोरथ को सिद्ध करवाने हेतु प्रार्थना की।
गणेश चतुर्थी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अध्यक्ष शिवप्रसाद यादव ने कहा गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है,जो बुद्धि,समृद्धि और बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं।यह पर्व नई शुरुआत,ज्ञान प्राप्ति और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक है।
लोग गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करके उनकी पूजा-अर्चना करते हैं,जिससे उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।यह त्योहार सामाजिक एकता और सामुदायिक बंधन को भी बढ़ावा देता है।गणेश जी को गौरीसुत,लम्बोदर, विघ्नविनाशक,द्वयमातुर आदि नामों से जाना जाता है।कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन प्रमुख शिवमंगल सर,वित्त विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी सर व खेल विभाग प्रमुख वासिफ खान सर व समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।