Wednesday, February 18, 2026
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जुलूस-ए-मुहम्मदी पाँच सितंबर को सुबह 6 बजे मदरसा दारुल उलूम से अदब- एहतराम के साथ निकाला जाएगा

इटावा। मंगलवार को बाद नमाज़ इशा मदरसा दारुल उलूम गोसिया तजबीदुल कुरआन आज़ाद नगर नई बस्ती में जुलूस-ए-मुहम्मदी के सम्बंध में एक अहम बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में बताया गया है जुलूस-ए-मुहम्मदी पाँच सितंबर दिन शुक्रवार को सुबह 6 बजे मदरसा दारुल उलूम गौसिया तजबीदुल कुरआन आज़ाद नगर नई बस्ती से उलमाए इकराम की सरपरस्ती में बहुत ही अदब व एहतराम के साथ निकाला जाएगा व दूसरा जुलूस अंजुमन-ए-हुसैनिया की ओर से नया शहर से भी 5 सितंबर शुक्रवार को सुबह 6 बजे निकाला जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कारी सरफराज आलम निज़ामी और अंजुमन ए हुसैनिया के सदर हाजी सरफराज मुस्तफ़ा खान ने संयुक्त रूप से की।बैठक में जश्न-ए-मिलादुन्नबी सल्ल.और जुलूस-ए-मोहम्मदी सल्ल.से सम्बन्धित तमाम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ और आख़िरी निर्णय लेते हुए सरफराज आलम निजामी और हाजी सरफराज मुस्तफ़ा खान ने जुलूस के मुताल्लिक एडवांज़री जारी की।उन्होंने तमाम उम्मते मुस्लिम को ईद-ए-मिलादुन्नबी सल्ल.की दिली मुबारकबाद पेश की।उन्होंने कहा कि इस साल का जश्न-ए-मिलादुन्नबी सल्ल.और भी ख़ास है,क्योंकि यह 1500 वाँ सालाना मिलाद-ए-मुस्तफ़ा सल्ल.है।

आइए! हम सब मिलकर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्ल.की सीरत,उनकी रहमत, उनकी शिक्षाओं और उनके पैग़ाम-ए-मोहब्बत को आम करें।जश्न-ए-मिलाद सिर्फ़ खुशी का दिन ही नहीं,बल्कि यह दिन हमें मोहब्बत,भाईचारे,इंसानियत और अमन का पैग़ाम देता है।बैठक में कहा कि जुलूस में डी.जे.का इस्तेमाल न करें और रीमिक्स नात शरीफ़ कतई न बजाएँ।साफ़-सुथरे लिबास में आएँ और सर पर टोपी या अमामा शरीफ़ ज़रूर पहनें।जुलूस में दरूद-ओ-सलाम और नात शरीफ़ पढ़ते हुए चलें।

सड़क व गलियों में राहगीरों के लिए रास्ता छोड़कर चलें।हुज़ूर सल्ल.की शान का ख़्याल रखते हुए अदब व एहतराम से चलें।झंडा न बहुत बड़ा और न बहुत भारी हो,जिसे आसानी से सम्भाला जा सके।झंडों पर हुज़ूर सल्ल.का नाम या गुम्बद-ए-ख़ज़रा अंकित हो।बैनर पर साफ़ लिखा हो जुलूस-ए-मुहम्मदी सल्ल.।जुलूस के दौरान एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन व अन्य सेवाओं को फ़ौरन रास्ता दें।यातायात का पूरा ध्यान रखें,जुलूस सड़क के एक तरफ़ होकर चले।ईद-मिलादुन्नबी की रात नारेबाज़ी, बाइक स्टंट और शोर-गुल से परहेज़ करें। यह इस्लामी तालीमात के खिलाफ़ है।

जुलूस-ए-मुहम्मदी सल्ल.में सिर्फ़ हुज़ूर सल्ल.की मोहब्बत और शान में नारे लगाए जाएँ।बैठक को मौलाना ज़ाहिद रज़ा पेश इमाम मस्जिद पंजाबियान आदि उलमाए इकराम,पेश इमाम साहिबान ने भी संबोधित किया।बैठक में मौलाना उबैदुर रहमान खान,शाहनवाज़ अतहर,हाजी अज़ीम वारसी,सकलैन खलील,असरार अहमद,खुर्शीद अहमद,मुमताज चौधरी,मुहम्मद ज़ाहिद आदि काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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