हमीरपुर जिले के मौदहा विकास खंड के सिसोलर गाँव में जल जीवन मिशन योजना अब ग्रामीणों की जिंदगी के लिए खतरा बन गई है। ठेकेदारों की लापरवाही ने गाँव के रास्तों को मौत के गड्ढों में तब्दील कर दिया है। गाँव की गलियों और मुख्य रास्तों में खोदे गए भारी-भरकम गड्ढों और खुले चेंबरों ने आवागमन को दूभर कर दिया है, लेकिन इस योजना से एक बूंद पानी तक ग्रामीणों को नसीब नहीं हुआ।
सिसोलर के बाल्मीकि मोहल्ले में पक्का तालाब के पास हरिजन बस्ती जाने वाले रास्ते पर एक खुला चेंबर और मिट्टी का ढेर महीनों से पड़ा है। यहाँ से दोपहिया या चारपहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। दो दिन पहले इसी रास्ते पर खुले चेंबर ने एक दर्दनाक हादसे को जन्म दिया। गाँव के युवक आशीष बाल्मीकि बिजली के करंट से झुलस गया, लेकिन रास्ते में चेंबर की वजह से वाहन नहीं निकल सका। समय पर अस्पताल न पहुँच पाने के कारण आशीष की मौत हो गई।
ग्रामीणों में ठेकेदारों और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन के नाम पर सिर्फ रास्ते उजाड़े गए, लेकिन पानी का वादा अधूरा रहा। गाँव की गलियों की दुर्दशा और खुले चेंबरों ने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और चेंबरों को ढकने की मांग की है।





