आलापुर ।अम्बेडकर नगर।राजकीय हाई स्कूल जहाँगीरगंज में महान स्वतन्त्रता सेनानी,लेखक व राजनीतिज्ञ, लोकमान्य की उपाधि से विभूषित, लाल, बाल व पाल त्रिमूर्ति में से एक बाल गंगाधर तिलक तथा हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के नाम से पुनर्गठित करने वाले, कुशल निशानेबाज एवं घुड़सवार, साहस व बलिदान के प्रतिमूर्ति चन्द्र शेखर आज़ाद का जन्मदिन कई कार्यक्रमों के रूप में समारोहपूर्वक उत्साह के साथ मनाया गया।
समारोह का शुभारम्भ प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती तथा “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा”के प्रणेता, गंगाधर तिलक व पार्वतीबाई के लाल बाल गंगाधर तिलक एवं पंडित सीताराम तिवारी व जगरानी देवी के जीवन को धन्य करने वाले, “मैं आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा और आज़ाद ही मरूँगा”जीवन सिद्धान्त वाले चन्द्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित करते हुए किया गया।
अपने सम्बोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि लोकमान्य तिलक व चन्द्रशेखर आज़ाद का जीवन दर्शन सदैव अविस्मरणीय एवं अनुकरणीय रहेगा।महान वीर बलिदानी व्यक्तित्व वाले लोकमान्य व आज़ाद का भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में महान योगदान रहा है।समारोह को सम्बोधित करते हुए शिक्षक मुकेश कुमार ने कहा कि तिलक का यह कथन कि “यदि कोई ईश्वर अस्पृश्यता को सहन करता है,तो मैं उसे ईश्वर के रूप में मान्यता नहीं देता”स्वस्थ समाज सृजन सन्दर्भ में समीचीन है।
शिक्षक राम जतन वर्मा ने बाल गंगाधर तिलक व चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन विषय में विस्तार से बताया,वहीं शिक्षक प्रदीप कुमार ने गीता रहस्य के लेखक के साहित्यिक एवं राजनीतिक योगदानों पर प्रकाश डाला।समारोह अवसर पर शिक्षिका क्षमा पटेल ने कहा कि आज़ाद की यह विचार धारा कि “देश की स्वतन्त्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देना सबसे बड़ा कर्तव्य है”परं महानता का प्रतीक है,वहीं मयंक राय द्वारा “द आर्कटिक होम ऑफ द वेदाज” व “गीता रहस्य” के प्रणेता तिलक की जीवन उपलब्धियों पर अपना विचार रखा गया।
समारोह में परं महान दोनों विभूतियों के जीवन विषय पर आधारित भाषण, निबन्ध व क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई,जिसके क्रम में भाषण में अंशिका कक्षा9 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि क्विज़ में सागर कुमार कक्षा 10 को प्रथम स्थान मिला तथा निबन्ध प्रतियोगिता में उजाला कक्षा 9 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।सभी प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव ने पुरस्कृत करते हुए सम्मानित किया।