Human Trafficking in UP रुपईडीहा बीओपी अभिषेक कुमार ने बताया कि नेपालगंज की ओर से रात को पांच किशोरियां रूपईडीहा के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी। इस दौरान सीमा पर एसएसबी 42वीं वाहनी के जवान व मानव सेवा संस्थान के अर्जुन कुमार व देशराज वर्मा ने उन्हें रोक लिया।
बहराइच: एसएसबी के जवानों ने गुरुवार देर रात नेपाल की पांच किशोरियों को मानव तस्कर के चंगुल से छुड़ाने में सफलता प्राप्त की। मानव तस्कर इनको विदेश में नौकरी का झांसा देकर ले जा रहे थे।
पांचों किशोरियों को कुवैत में नौकरी का झांसा दिया गया था। मानव तस्कर इनको रूपईडीहा सीमा के रास्ते से बहराइच से लखनऊ ले जा रहा था। जहां से इनको दिल्ली जाना था।
कही गई दिल्ली में पासपोर्ट व वीजा दिलाने की बात
इन पांचों को सीमा में प्रवेश करते ही एसएसबी के जवानों ने पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि सभी को दिल्ली में पासपोर्ट व वीजा दिलाने की बात कही गई थी। एसएसबी ने सभी किशोरियों को नेपाल पुलिस को सौंप दिया है।
रूपईडीहा के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश
सहायक कमांडेंट रुपईडीहा बीओपी अभिषेक कुमार ने बताया कि नेपालगंज की ओर से रात को पांच किशोरियां रूपईडीहा के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी। इस दौरान सीमा पर एसएसबी 42वीं वाहनी के जवान व मानव सेवा संस्थान के अर्जुन कुमार व देशराज वर्मा ने उन्हें रोक लिया। जानकारी के बाद एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक मदन मोहन, महिला कांस्टेबल दीक्षा देवी, साविता गौर, साविता दस व परमार सुमित्रा बेन ने किशोरियों को कैंप में ले जाकर सभी से पूछताछ की।
नेपाल से लखनऊ के रास्ते दिल्ली पहुंचाया जाना था
पता चला कि सभी किशोरियों को पहले नेपाल से लखनऊ के रास्ते दिल्ली पहुंचाया जाना था। वहां एक मानव तस्कर की मदद से सभी को दिल्ली से कुवैत भेजने की तैयारी की गई थी। इनको दिल्ली में पासपोर्ट और वीजा उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया था।
किशोरियों में सुनपुन मगर जिला नवल परासी, दिल कुमारी घर्ती जिला रोल्पा, संगीता तामांग जिला रसुवा,पासांग डुल्मो तामांग जिला रसुवा व सुषमा रसाइली जिला सिंधुपाल चौक नेपाल शामिल हैं। एसएसबी ने सभी किशोरियों को नेपाल पुलिस की निगरानी में शांति पुनर्स्थापना केंद्र नामक एनजीओ के सुपुर्द किया है। जहां से उन्हें उनके परिवारीजन के हवाले किया जाएगा।





