अतिवृष्टि/जलभराव से निपटने के लिए एक्टिव मोड में सरकार
जलशक्ति मंत्री ने जनपद के प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर देखे हालात
बांधों व तालाबों को निर्धारित सीमा से अधिक न भरा जाए, सतत् निगरानी करें
सूचना तंत्र मजबूत कर बांधों से जल निकासी की पूर्व सूचना लोगों तक पहुंचाए
बानपुर-चकौरा सम्पर्क मार्ग को तत्काल दुरुस्त कर आवागमन सुचारु कराने के दिये निर्देश
ललितपुर। जनपद में हो रही लगातार वर्षा के कारण विभिन्न ग्रामों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ है, जिसका संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों को क्षेत्र में घर-घर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेकर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान की जा सके। इसी क्रम में मंगलवार को जलशक्ति विभाग राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने विभिन्न ग्रामों एवं जलस्रोतों का भ्रमण किया और घर-घर जाकर लोगों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थितियों से निपटने के लिए सरकार और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं।
सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल राहत पहुंचाने का कार्य कर रही है। जिलों में बाढ़ चौकियां बनायी जा रही हैं और आवश्यक व्यवस्थाएं लोगों को मुहैया करायी जा रही हैं। इस दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक मो.मुश्ताक उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री ने नगर क्षेत्र में गोविन्द सागर बांध का निरीक्षण कर अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खण्ड शैलेष कुमार से बांध की क्षमता, जलभराव और निकासी की जानकारी ली और निर्देश दिये कि किसी भी दशा में बांधों और तालाबों को क्षमता से अधिक न भरा जाए और निकासी से पूर्व विभिन्न माध्यमों यथा प्रिंट/इलैक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, मुनादी और सायरन आदि से लोगों को सूचित किया जाए। राज्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र के भ्रमण के दौरान तहसील महरौनी के ग्राम पड़वां में पैदल घर-घर जाकर लोगों से वार्ता की और जलभराव के कारण हुई क्षति का स्थलीय सत्यापन किया।
मौके पर ग्रामीण जमुनिया, श्यामलाल, निरऊआ, धीरा कमलेश आदि के द्वारा फसल एवं मकान क्षति के बारे में अवगत कराया गया, जिस पर राज्यमंत्री ने राजस्व अधिकारियों को लेखपालों के माध्यम तत्काल ग्रामवार हुई क्षति का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने बानपुर-चकौरा मार्ग का निरीक्षण किया, जो तालाब से पानी के बहाव के कारण कट गया है।
राज्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सम्पर्क मार्ग की मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री ने ग्रामीण भ्रमण के बाद कलैक्ट्रेट सभागार में आला अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये कि जनपद के सभी बाधों की सतत निगरानी की जाए, किसी भी जलस्रोत को निर्धारित सीमा से अधिक न भरा जाए, साथ ही बाधों से जल निकासी के पूर्व आसपास के क्षेत्रीय लोगों को विभिन्न माध्यमों-प्रिंट/इलैक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया, मुनादी तथा सायरन बजवाकर सूचित किया जाए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर जा सकें। इसके लिए जनपद के सूचना तंत्र को मजबूत करें।
जनपद के प्रभावित क्षेत्रों का पंचातय स्तर के कर्मचारियों, लेखपालों आदि के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे करायें, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रखें, उनके लिए राशन व आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था सुनिश्चित करायें तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर आपदा मित्र, गोताखोंरों व नावों का प्रबंधन करें। साथ ही जनपद स्तर पर कण्ट्रोल रुम सक्रिय कर प्रतिदिन आने वाली शिकायतों को रजिस्टर्ड कराकर उनका निस्तारण सुनिश्चित करायें।
इस दौरान सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष हरिशचन्द्र रावत, राज्यमंत्री प्रतिनिधि चन्द्रशेखर, पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हरिओम निरंजन एवं अधिकारियों में सीडीओ शेषनाथ चौहान, एडीएम अंकुर श्रीवास्तव, एडीएम नमामि गंगे राजेश श्रीवास्तव, सीएमओ डा.इम्तियाज अहमद, एसडीएम सदर मनीष कुमार, एसडीएम महरौनी मदनमोहन गुप्ता, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खण्ड शैलेष कुमार, अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण अवनीश सिंह एवं कार्यदायी सस्थाओं व विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय कर्मचारी मौजूद रहे।