मुख्यमंत्री के निर्देशों के विपरीत तैनात सफाई कर्मियों से मनमानी ड्यूटी ले रहे ए डी ओ पंचायत
शासन के निर्देश पर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक जुलाई से शुरू होने वाला है। गांवों में साफ सफाई की व्यवस्था चौपट है। बरसात के बाद स्थिति और भी खराब हुई है।150से अधिक गांव खाली पड़े हुए हैं,इन गांवों में तैनात सफाई कर्मी कभी गांवों में नहीं जाते हैं।
मुख्यमंत्री और निदेशक पंचायती राज ने सफाई कर्मियों को किसी भी स्थिति में आफिस अटैच न करने और गांवों में साफ सफाई का काम लेने के निर्देश दिए हैं, जिले में लगभग सभी ए डी ओ पंचायत मुख्यमंत्री के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों को आफिस अटैच करके स्टाफ की कमी पूरी की जा रही है।
सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति 2009में बसपा शासन काल में हुई थी,16,साल का समय बीत रहा है अभी तक सफाई कर्मियों के लिए कोई कर्मचारी सेवा नियमावली नहीं बन पाई है। अधिकारी इस कमजोरी का फायदा उठाकर सफाई कर्मियों से मनमानी ड्यूटी ले रहे हैं। एक ही पद पर तैनात सफाई कर्मियों से दो तरह की ड्यूटी लेने से सफाई कर्मियों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है।
विकास खंड अमेठी में ए डी ओ पंचायत ने आधा दर्जन सफाई कर्मियों को आफिस अटैच कर रखा है। ये सफाई कर्मी कभी भी गांव में नहीं जाते,जो सफाई कर्मी अपने मूल पद पर गांव में जाकर काम कर रहे हैं,ए डी ओ पंचायत उन्हीं सफाई कर्मियों को नोटिस देकर परेशान कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने एक दलित सफाई कर्मी का दो दिन का वेतन रोकने का आदेश किया है।
इस सम्बन्ध में ए डी ओ पंचायत का कहना कि उन्होंने किसी भी सफाई कर्मी को सम्बद्ध नहीं किया है। अधिकारियों ने आफिस अटैच किया है।