Sunday, February 22, 2026
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तो उद्धव और राज ठाकरे में बन गई बात! MNS नेता ने आदित्य ठाकरे को क्यों दिया मुलाकात का सुझाव?

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता प्रकाश महाजन ने कहा कि अगर शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन को लेकर गंभीर है तो आदित्य ठाकरे को राज ठाकरे से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) में किसी सीनियर नेता को गठबंधन पर चर्चा के लिए राज ठाकरे के पास जाना चाहिए। आदित्य ठाकरे के आगे आने से दोनों पक्षों को गंभीरता समझ आएगी।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के सीनियर नेता प्रकाश महाजन ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ गठबंधन से पहले एक शर्त रखी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता प्रकाश महाजन ने कहा है कि अगर शिवसेना (यूबीटी) दोनों दलों के गठबंधन को लेकर गंभीर है, तो उसके नेता आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए।

प्रकाश महाजन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता वाली शिवसेना (यूबीटी) में किसी सीनियर नेता को संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पास जाना चाहिए।

‘अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए जाते तो…’

प्रकाश महाजन ने कहा कि अगर किसी जूनियर नेता को बातचीत के लिए भेजा जाता है, तो राज ठाकरे भी किसी जूनियर पदाधिकारी को भेजेंगे। प्रकाश महाजन ने आगे कहा, ‘अगर वाकई गठबंधन होना है, तो आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज साहब के विचारों को समझना चाहिए। अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए जाते हैं, तो दोनों पक्ष गंभीरता को समझेंगे।

क्या बोले मनसे नेता?

पूर्व राज्य मंत्री आदित्य ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे हैं। वहीं आदित्य ठाकरे का कहना है कि अगर कोई महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए साथ आना चाहता है, तो ‘हम उन्हें भी साथ लेकर चलेंगे।’ प्रकाश महाजन ने कहा कि राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़े ठाकरे भाइयों के साथ आने के इस कोशिश में कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘हमने (मनसे) 2014 और 2017 में भी यह प्रयोग किया था। अगर वे गंभीर हैं, तो आगे आने में कोई समस्या नहीं है।’

‘लड़ाई छोड़कर बढ़ेंगे आगे’

चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बयानों से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें कहा गया है कि वे ‘मामूली मुद्दों’ को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग 20 साल के कड़वे अलगाव के बाद हाथ मिला सकते हैं।

मनसे प्रमुख ने कहा है कि मराठी मानुष (मराठी भाषी लोगों) के हितों के लिए एकजुट होना मुश्किल नहीं है, वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह छोटी-मोटी लड़ाइयां छोड़कर आगे बढ़ने को तैयार हैं, बशर्ते महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वालों को तरजीह न दी जाए।

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