Wednesday, June 3, 2026
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ITR-2 फाइलिंग के लिए जारी हुआ नया एक्सेल यूटिलिटी, क्या होगा इससे फायदा

ITR-2 Filing Beneifts आईटीआर-2 फाइलिंग का इस्तेमाल उन टैक्सपेयर्स द्वारा किया जाता है। जिनकी सैलरी सालाना 50 लाख रुपये से ज्यादा होती है। ज्यादातर कंपनी डायरेक्टर और बिजनेसमैन आईटीआर-2 फाइल करते हैं। इसी के लेकर एक्सेल यूटिलिटी में इनकम टैक्स ने बदलाव किया है। ये खास तौर पर बिजनेसमैन के लिए डिजाइन किया गया है। चलिए जानते हैं इससे क्या-क्या फायदा होगा।

आईटीआर फाइल (ITR Filing) करने में बस कुछ ही महीनों का वक्त रह गया है। कल यानी 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो चुकी है। अब से टैक्सपेयर्स वित्त वर्ष 2024-25 का टैक्स फाइल कर सकते हैं। आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 रखी गई है।

जिन भी टैक्सपेयर्स की सैलरी सालाना 50 लाख रुपये से ज्यादा होती है। उनके द्वारा आईटीआर-2 फाइल की जाती है। इसे लेकर सरकार ने एक्सेल यूटिलिटी में बदलाव किया है। इससे आईटीआर-2 फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को कई फायदे हो सकते हैं। आईटीआर -2 फाइलिंग खास तौर पर बिजनेसमैन के बनाया गया है।

क्या है इससे जुड़े फायदे?

आईटीआर-2 फाइल के एक्सेल यूटिलिटी (excel utility) में बदलाव करने से टैक्सपेयर्स को कई फायदे होते हैं।
इस बदलाव से अब टैक्सपेयर्स को मैनुअल कैलकुलेशन (Manual Calculation) और डेटा एंट्री में मदद मिलेगी।
जिससे टैक्स फाइल करने में कम से कम गलती होती है।
ये बदलाव उन ही लोगों के लिए काम का है, जो आईटीआर-2 फाइल करते हैं।

क्या हुआ है बदलाव

25 मार्च को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यूटिलिटी एक्सेल-बेस्ड (वर्जन 1.11) जारी कर दिया है। इनकम टैक्स ने ये नया वर्जन इसलिए जारी किया है ताकि टैक्सपेयर्स को फाइलिंग में आसानी हो।

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के नियम के अनुसार अगर किसी कंपनी, बिजनेसमैन, इंडिविजुअल की सैलरी लिमिट से ज्यादा हो, तो उसे आईटीआर-2 फाइल करनी पड़ती है।

क्या है आईटीआर फाइल करने के फायदे

  • आईटीआर फाइल करने से टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) में कटने वाला पैसा वापस लाया जा सकता है। आमतौर पर ब्याज, कमीशन, सैलरी या फीस पर टीडीएस काटा जाता है।
  • वहीं फाइनेंशियल नुकसान की भरपाई भी हो जाती है। फाइनेंशियल नुकसान जैसे शेयर बाजार में पैसा डूबना, बिजनेस या प्रॉपर्टी में नुकसान इत्यादि शामिल हैं। इस नुकसान को आईटीआर फाइल कर कम किया जा सकता है।
  • आप इस साल के नुकसान को दिखाकर अगले साल के मुनाफे पर टैक्स कम कर सकते हैं।
  • लोन के लिए आईटीआर फाइलिंग इनकम प्रूफ की तरह काम आती है। क्योंकि लोन लेने के लिए जरूरी है कि इनकम प्रूफ दिया जाए। इस इनकम प्रूफ के लिए आप आईटीआर फाइलिंग शॉ कर सकते हैं।

इसके अलावा विदेशी यात्रा करने पर भी कई बार इनकम प्रूफ मांगा जाता है। ऐसे आप यहां आईटीआर फाइलिंग को दिखा सकते हैं।

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