बइक जुलूस के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की
महोबा । अधिवक्ता एक्ट में प्रस्तावित संशोधन के विरोध में सैकड़ों वकीलों ने मंगलवार को बाइक जुलूस निकाल कर विरोध प्रर्दशन किया,साथ ही अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किए जाने की मांग की, और केन्द्र सरकार के प्रस्तावित संशोधन विधेयक 2025 वापस लिए जाने की मांग की। वकीलों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि सरकार अधिवक्ताओं की आजादी छीनना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
वकीलों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर नगर में बाइक जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि प्रस्तावित संशोधन वकीलों के हितों के खिलाफ है। इस दौरान पूरे शहर में वकीलों का जुलूस निकला गया। अधिवक्ताओं ने जुलूस दौरान सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस तहसील से निकाला गया जो गोंदी चैराहा, बस स्टेंड सहित नगर के प्रमुख चैराहों से होता हुआ तहसील पहुंच कर समाप्त हो गया। जुलूस दौरान अधिवक्ताओें में खासा उत्साह दिखाई दिया। अधिवक्ता समिति कुलपहाड़ के अध्यक्ष ने बताया कि केन्द्र सरकार अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन कर नया कानून लाने की तैयारी में है। अधिवक्ता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे है। उन्होने बताया कि प्रस्तावित संशोधन बिल में कई ऐसे प्रावधान है जो अधिवक्ताओं के हितो को प्रत्याक्ष रूप से प्रभावित कर रहे है। कहा कि संशोधन बिल लाकर सरकार वकीलोें की आवाज को दबाना चाहती है।
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