HomeSliderशिक्षा, संस्कृति और एकता का संगम: प्रथम वर्ष का अभिनंदन

शिक्षा, संस्कृति और एकता का संगम: प्रथम वर्ष का अभिनंदन

गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में बीए, बीएससी गृह विज्ञान, एमए राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, एमएससी आहार एवं पोषण, तथा वस्त्र विज्ञान की प्रथम वर्ष की छात्राओं के स्वागत समारोह का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे विविधता में एकता का संदेश उजागर हुआ। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी छात्राओं ने न केवल अपने राज्य की संस्कृति का परिचय दिया बल्कि भारतीय परंपराओं की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के दौरान कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास अवसर पर “मिस फ्रेशर” का खिताब भी प्रदान किया गया, जिसमें कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कुछ छात्राओं को विजेता और उपविजेता घोषित किया गया। जैसे ही विजेता को “मिस फ्रेशर” का ताज पहनाया गया, पूरे आयोजन में जोश और उल्लास का माहौल छा गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश चंद्र शाही ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता हम सभी को गौरवान्वित करती है, और आज छात्राओं ने इसे जिस उत्साह और सुंदरता से प्रस्तुत किया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। आप सभी युवा छात्राएँ हमारे देश का भविष्य हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की असीम क्षमता आप में विद्यमान है। शिक्षा के साथ-साथ अपने मूल्यों और संस्कृति का संरक्षण करना आपका नैतिक कर्तव्य है।”

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम शुक्ला ने छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं एकता का संदेश जीवित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, सभी छात्राएँ हमारे समाज की आधारशिला हैं। आपके व्यक्तित्व में न केवल शिक्षा का विकास होना चाहिए, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों का भी सम्मान और संरक्षण होना चाहिए। हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि आप अपने ज्ञान को समाज की प्रगति के लिए समर्पित करेंगी और भारतीय संस्कृति की पहचान को बनाए रखेंगी।

इस अवसर पर महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, यह संस्था न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यहाँ आपको भारतीय संस्कृति और परंपराओं की गहराई से सीखने का अवसर भी मिलेगा। हम चाहते हैं कि आप सभी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित हों। हमारा उद्देश्य है कि यहाँ से निकलने वाली हर छात्रा समाज और देश के लिए एक प्रेरणा बने।

कार्यक्रम में डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. प्रियंका त्रिपाठी, डॉ. प्रत्या उपाध्याय, डॉ. संगीता पांडेय, डॉ. अजिता श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. रेनू, डॉ. कुमुद त्रिपाठी, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. शीला त्रिपाठी, डॉ. प्रतिभा चौहान, आयुषी सिंह, नित्यानंद तिवारी, अशोक सिंह, अर्जुन यादव, संगीता मिश्रा, सावित्री त्रिपाठी, देवेंद्र चौधरी, सरोज मिश्रा, अनिल पांडेय, दयानन्द चौधरी, राजलक्ष्मी, इंदिरा देवी, क्रांति सूरज समेत अन्य समस्त शिक्षक गण, कर्मचारी गण व छात्राएं उपस्थित थीं।

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