Sunday, March 29, 2026
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कश्मीर में तीन महीने से बंधक बनाए गए 35 नेपाली वतन लौटे, दो एजेंट गिरफ्तार

काठमांडू (हि.स.)। अच्छे वेतन के साथ रोजगार का वादा कर कश्मीर ले जाए जाने के बाद तीन महीने तक बंधक बनाए गए 35 नेपाली मजदूर रिहा हो गए हैं। उन्हें 3 फरवरी को बिहार के चार एजेंटों के माध्यम से कश्मीर ले जाया गया था। इन सभी को कश्मीर के बड़गांव से बचाया गया, जो बीते बुधवार की रात घर लौट आए हैं। कश्मीर पुलिस ने इनको बंधक बनाने वाले दो एजेंटों को गिरफ्तार भी किया है।

नेपाली दूतावास, किन इंडिया और जम्मू-कश्मीर पुलिस की पहल पर पांच बच्चों समेत बचाए गए सभी 35 लोग नेपाल के सर्लाही, धनुषा और महोत्तरी जिले के रहने वाले हैं। इन लोगों ने बताया कि कुल 43 लोगों को 720 रुपये की दैनिक मजदूरी पर कश्मीर ले जाया गया था। दिल्ली में नेपाली दूतावास के परामर्शदाता, नेपाल पुलिस की एसएसपी उमा चतुर्वेदी ने टेलीफोन पर बताया कि इन सभी मजदूरों को कश्मीर में बंधक बनाकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। चतुर्वेदी ने बताया कि बचाए गए लोगों को उनके काम के लिए भुगतान भी नहीं किया गया। उनके मुताबिक 43 बंधकों में से सात पहले ही भाग निकले थे।

नेपाली दूतावास की तरफ से बताया गया है कि एक एजेंट का रिश्तेदार एक नेपाली लड़का कश्मीर में रहता है। रिहा कराए गए एक मजदूर ने बताया कि कश्मीर पहुंचने के बाद हम लोगों को पीटा गया और मोबाइल फोन, पैसे और नागरिकता के दस्तावेज छीन लिए। मजदूर ने यह भी बताया कि हम लोगों को अच्छा खाना भी नहीं मिलता था। साइट पर न कहीं भोजन उपलब्ध था और ना पानी। भोजन न मिलने पर भूखा रहना पड़ता था। खाने के लिए एक-दो समोसे और जूस देकर पूरे दिन काम कराते थे। बचाए गए एक अन्य नेपाली मजदूर रंजीत चौधरी ने बताया कि उन लोगों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। वे कहते थे कि उन्होंने सात नेपालियों को गोली मारकर और बोरे में भरकर मार डाला।

नई दिल्ली स्थित किन इंडिया के अध्यक्ष नवीन जोशी ने टेलीफोन पर बताया कि रिहा कराये गए मजदूर सुरक्षित रूप से अपने गांव लौट गए हैं। उन्होंने बताया की हमने 18 साल से कम उम्र के पांच बच्चों समेत 35 नेपाली लोगों को कश्मीर से दिल्ली के रास्ते उनके गांव लौटाया है। उन्होंने कहा की इन मजदूरों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में बंधक बनाकर रखा गया था। हम नेपाली दूतावास, कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के समन्वय से उन्हें बचाने में कामयाब रहे। कश्मीर पुलिस ने इनको बंधक बनाने वाले दो एजेंटों को गिरफ्तार भी किया है।

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