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हम राम जी के और राम जी हमारे हैं : साक्षी महाराज
राम के बिना हिन्दुस्तान नहीं चल सकता है
62 वां रामोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ

लखनऊ। राजधानी में पिछले 11 दिनों से चल रहा 62 वां रामोत्सव रविवार देर रात तक धूमधाम से संपन्न हुआ। उन्नाव सांसद डॉ० हरि सच्चिदानंद साक्षी महाराज ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आतिशबाजी के बीच पुरस्कार वितरण करने के बाद रावण व मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया।

श्री त्रिलोकेश्वरनाथ मंदिर एवं रामलीला समिति के तत्वावधान में बरहा आलमबाग में 5 अक्टूबर से चल रही कृष्णलीला तथा रामलीला के शनिवार रात समाप्त होने के बाद रविवार को विशाल श्रीराम शोभायात्रा बारा बिरवा स्थित फिनिक्स मॉल से निकाली गई। 8 ब्रास बैंड बाजों के साथ ऊंटों से सजी शोभायात्रा में 9 भव्य रथों पर ब्रह्मा विष्णु महेश, भगवान शंकर सपरिवार, रामदरबार तथा रावण परिवार की सुंदर झांकियां लोगों का मन लुभा रही थी। प्रसाद वितरण करती हुई शोभायात्रा सांय 6 बजे चल कर अवध अस्पताल, आलमबाग चौराहे, टेढ़ी पुलिया, राजकीय उद्यान तथा आनंद नगर होते हुए रात्री 9 बजे बरहा रेलवे कालोनी के दशहरा मेला मैदान में पहुंची।

इससे पहले मुख्य अतिथि उन्नाव सांसद डॉ० हरि सच्चिदानंद साक्षी महाराज तथा विशिष्ट अतिथि बालाजी कोचिंग ग्रुप के निदेशक अजय दुबे ने दशहरा मेला मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आतिशबाजी के बीच चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं, लाइट हॉउस, टेंट हाउस, आदर्श रामलीला एवं रासलीला मंडल, समिति के कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ सदस्यों, पुतला तथा आतिशबाजी निर्माताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। शोभायात्रा के दशहरा मेला में पहुंचने पर ब्रास बैंड प्रतियोगिता के बाद बैंड, लिल्ली घोड़ी, बग्घी को साक्षी महाराज तथा रीता एटा विधायक डेविड लोधी ने पुरस्कृत किया। इसके बाद राम सेना ने रावण सेना पर जवाबी हमला बोलतें हुए अस्त्र शस्त्र से प्रहार करना शुरू कर दिया।

मुख्य अतिथि उन्नाव सांसद डॉ० हरि सच्चिदानंद साक्षी महाराज ने 62 वें रामोत्सव की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार लोधी की चार पीढ़ियां इस आयोजन से जुड़ी है जो बहुत बड़ी बात है। आज के इस दौर में जब भाई भाई का नहीं होता है, इतनी बड़ी समिति को सहेज कर विशाल 11 दिवसीय कार्यक्रम करवाना समाज को रामराज्य का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि एक मर्यादा की आवश्यकता प्रत्येक धर्म और जाति को होती है इसीलिए हम कहते हैं कि हम राम जी के और राम जी हमारे हैं। साक्षी महाराज ने कहा कि राम के बिना एक हिन्दुस्तान का सपना पूरा नहीं हो सकता है और राम आज हर घर ही नहीं बल्कि हर राजनीतिक दल की जरूरत बन चुके हैं।
समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार लोधी ने
गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए क्षेत्रवासियों को धनतेरस, दीपावली, जमघट तथा भईया दूज की शुभकामनाएं दी।
समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंजीव ठाकुर जो मंच संचालन भी कर रहे थे, ने कहा कि “सर्वधर्म समरसता- हर मन में एक राम बसता ” के आधार पर इस विशाल आयोजन की नींव सन् 1955 में स्व० गिलासी प्रसाद लोधी ने रखी थी और तब से चौथी पीढ़ी आज तक इस कार्यक्रम को अनवरत चला रही है। उन्होंने बताया कि यह रामोत्सव राजधानी में सबसे पुराना पात्रों द्वारा खेली जाने वाली रामलीला का आयोजन है और हर धर्म व जाति के लोग इसके साथ जुड़े है। प्रतिवर्ष वाल्मीकी जयंती के दिन विधिपूर्वक पूजन कर रामोत्सव का शुभारम्भ किया जाता है और कार्तिक मास की दशमी को पुतला दहन किया जाता है।
इसके बाद गणमान्य अतिथियों ने रावण, मेघनाद के पुतलों का दहन कर कार्यक्रम संपन्न किया।
बृजेन्द्र बहादुर मौर्या की रिपोर्ट————————-
https://www.youtube.com/watch?v=8UJRVI9C1xU&t=4s





