अवधनामा संवाददाता
आजमगढ़। कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा आजमगढ़ पर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकी पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मंजुला वाधवा, उप महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ उपस्थित रहीं। श्रीमती वाधवा ने केवीके द्वारा एग्रोज महिला किसान उत्पादन संगठन के सदस्यों को मशरूम उत्पादन और मूल्य संवर्धन के प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया द्य जिला विकास प्रबंधक आरिफ खान ने मशरूम के पोषकीय और औषधीय गुणों की चर्चा करते हुए उद्यमिता स्थापित करने में नाबार्ड की भूमिका को बताया। प्रशिक्षण समन्वयक डा रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाएं मशरूम उत्पादन करके अच्छे स्वास्थ्य व स्वस्थ पर्यावरण के साथ ही अपनी आय में वृद्धि कर परिवार का सहयोग कर सकती हैं। उन्होंने धान की कटाई के उपरांत पराली प्रबंधन हेतु भी मशरूम की खेती को उत्तम बताया । केवीके के प्रभारी अधिकारी प्रोफेसर डी के सिंह ने मशरूम को सुपर फूड बताया और महिलाओं एवं बच्चों के लिए मशरूम को आवश्यक बताया । केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक पशु विज्ञान डा वी के सिंह ने स्पेन्ट मशरूम की पशुओं हेतु उपयोगिता बताई । डा राम केवल ने कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं को बताया । कार्यक्रम में टेक्निकल स्पोर्ट टीम ( बी एम जी एफ ) कृषि विभाग लखनऊ से सुधीश कुमार एवम् प्रदीप जी ने ऑयस्टर मशरूम उत्पादन व विपणन पर तकनीकी जानकारी दी । मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में उद्यमिता स्थापित कर चुके मशरूम उत्पादक आदित्य मौर्य व मृत्युंजय चौहान ने ओएस्टर व मिल्की मशरूम उत्पादन की व्यवहारिक जानकारी दी तथा मशरूम आधारित कई उत्पादों को दिखाया गया । प्रशिक्षण में 42 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया ।