लखनऊ। जनांदोलन के नेता स्वामी अग्निवेश पर पिछले दिनों झारखंड में एक कार्यक्रम के बाद हुए हमले के विरोध में लखनऊ हजरतगंज के गाँधी प्रतिमा पर बुजुर्गों के साथ कई युवा शामिल हुए और भीड़ द्वारा हुए इस हमले की निंदा की।

प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने बताया कि स्वामी अग्निवेश को कई चोटे आयी थी और उनके कपड़े तक इस हमले में फाड़ दिए गए थे। 78 वर्षीय स्वामी अग्निवेश एक कार्यक्रम में मीडिया को सम्बोधित करने के बाद जैसे ही सड़क पर पहुँचे कई लोगो की भीड़ ने काला कपड़ा दिखाते हुए उनके खिलाफ नारे लगाना शुरू कर दिये और देखते ही देखते लात घुसो से उनकी पिटाई शुरू करदी।
जिसके चलते अब भीड़ द्वारा बढ़ते हमलों के खिलाफ लोग एक जुट हो कर आवाज़ बुलंद कर रहे है। इसी के चलते आज राजधानी लखनऊ में कुछ बुद्धिजीवियों के साथ कई युवा गांधी प्रतिमा पहुँचे और भीड़ द्वारा हो रहे हमलों के खिलाफ सरकार से आह्वान किया कि ऐसे लोगो पर कार्यवाही की जाए जो भीड़ के नाम पर किसी की भी हत्या कर देते है।
उनका आरोप है कि जिस तरह भगवा धारी अग्निवेश पर हमला किया है उससे साफ़ जाहिर है ये लोग जान से मारने की कोशिश किया है। अपनी मांग को लेकर बताया कि जिन्होंने भी हमला किया है उनके खिलाफ सरकार जल्द से जल्द कार्रवाई करे





