
एक अन्य शख्स ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को भगवान समझता था, इसलिए उसके कहने पर अपनी नाबालिग बेटी को आश्रम में सौंप दिया लेकिन बाद में पता चला कि वहां गंदा काम होता है। जब उस शख्स ने अपनी बेटी से मिलना चाहा तो कई दिनों तक टाला गया। एक दिन लंबे इंतजार के बाद उसे मिलने दिया गया लेकिन बात नहीं करने दिया गया।
एक अन्य शख्स ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को भगवान समझता था, इसलिए उसके कहने पर अपनी नाबालिग बेटी को आश्रम में सौंप दिया लेकिन बाद में पता चला कि वहां गंदा काम होता है। जब उस शख्स ने अपनी बेटी से मिलना चाहा तो कई दिनों तक टाला गया। एक दिन लंबे इंतजार के बाद उसे मिलने दिया गया लेकिन बात नहीं करने दिया गया।
जांच में पता चला है कि आश्रम में एक सुंरग भी है, जिसमें पानी भर दिया गया था। पानी देखकर लग रहा था कि उसे हाल-फिलहाल में जल्दी में भरा गया है। जांच दल ने हाईकोर्ट को बताया है कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में 100 से अधिक लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है। उनके साथ अक्सर मारपीट की जाती है और सेक्स स्लेव जैसा व्यवहार किया जाता है। जांच दल के मुताबिक विष्वविद्यालय में लड़कियों को लोहे की मजबूत सलाखों के पीछे जानवरों की तरह बांधकर रखा जाता है। आश्रम के चारों तरफ ऊंची-ऊंची दीवारें और लोहे के जाल लगे हुए हैं, ताकि कोई भाग न सके। जांच दल के मुताबिक लड़कियों को नहाने के दौरान भी प्राइवेसी नहीं है।
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