लखनऊ।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर की कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेसी नेताओं का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर पर कुछ खास लोगों से घिरे रहने और उन्हीं की सलाह पर काम करने के आरोप एक बार फिर हैं। यह आरोप बुधवार को पार्टी से निष्कासित हुए थिंक टैंक समिति के सदस्य रामेंद्र जनवार ने लगाये। पार्टी की अनुशासन समिति ने श्री जनवार को प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी और सोशल मीडिया पर बेबुनियाद टिप्पणी करने के आरोपों के चलते पार्टी से 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया।

पार्टी की अनुशासन समिति के सदस्य पूर्व विधायक फजले मसूद और पूर्व मंत्री राजबहादुर ने श्री जनवार पर समिति के गलत आचरण न करने की चेतावनी के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर पर अनर्गल टिप्पणी के बाद उन्हें निष्कासित किया। पार्टी प्रवक्ता संजय वाजपेयी ने बताया कि श्री जनवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। अनुशासन समिति के सदस्यों ने बताया कि 20 मार्च को सौंपे स्पष्टïीकरण में श्री जनवार ने अपने पोस्ट से किसी अन्य के पोस्ट करने की बात कही थी, जिसे उन्होंने तत्काल हटाने की बात भी की थी। बावजूद श्री जनवार प्रदेश अध्यक्ष पर टिप्पणी कर रहे हैं जो अनुशासन समिति के निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता की परिधि में आता है। श्री जनवार ने आरोपों पर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कुछ चापलूस किस्म के लोगों से घिरे हैं। उन्होंने स्रोत गुप्ता का नाम लेते हुए कहा कि उनके कहने पर एआईसीसी और पीसीसी सदस्य बनाये जा रहे हैं और पुराने कांग्रेसियों की उपेक्षा की जा रही है। श्री जनवार ने कहा कि वे कांग्रेसी थे, कांग्रेसी हैं और कांग्रेसी ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि बीती 17 मार्च को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिख सारी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, साथ ही मिलने का भी समय मांगा है। पार्टी अध्यक्ष से भेंट के दौरान उन्हें सारी बातें विस्तार से बताएंगे। विदित हो कि इससे पूर्व पार्टी के वरिष्ठï सदस्य संजय दीक्षित को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया जा चुका है। वहीं पार्टी के वरिष्ठï नेता व प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाल चुके एक नेता को नोटिस दी जा चुकी है। पार्टी के निष्ठïावान नेताओं को एक के बाद एक निष्कासित किये जाने से कांग्रेसियों में आक्रोश बढ़ रहा है।





