
अमृता ने याचिका में दावा किया था कि उसका जन्म मायलापुर में जयललिता के घर 14 अगस्त 1980 के दिन हुआ था, लेकिन तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री की सामाजिक छवि पर इसका कोई प्रभाव ना पड़े, इस कारण से उसके जन्म की बात को राज रखा गया था। अमृता के साथ उसकी दो आंटियां (एलएस ललिता और रंजनी रवींद्रनाथ) भी इस मामले में सह याचिकाकर्ता थीं। ये दोनों ही जयललिता की कजन बहनें हैं। ललिता और रवींद्रनाथ का कहना है कि अमृता जयललिता की बेटी है। इसके साथ ही दोनों ने कोर्ट से अमृता की मदद करने की भी अपील की थी।
अमृता ने दावा किया था कि उसे जयललिता की बड़ी बहन शैलजा ने गोद लिया था, शैलजा की मृत्यू 2015 में हो गई थी। वहीं उनके पति सारथी की मृत्यू इस साल मार्च में हुई। अमृता का कहना है कि सारथी ने मरने से पहले उसे बताया था कि वह जयललिता की बेटी है। ये सारी बातें अमृता ने अपनी याचिका में कही थी। इसके साथ ही अमृता ने चेन्नई के मरीना बीच में दफनाई गई जयललिता की बॉडी की भी मांग की थी और कहा थी कि वह वैश्णव ब्राहम्ण के रिती रिवाजों के अनुसार जयललिता का अंतिम संस्कार करना चाहती हैं। वहीं जब इस मामले में एआईएडीएमके प्रवक्ता सत्यन राजन से सवाल किया गया था तो उन्होंने साफ कह दिया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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