Wednesday, February 25, 2026
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पकड़ी गयी दूध की फैक्ट्री में जांच नमूने में पुष्टि हुयी की दूध मिलावटी

बीते माह में पकड़ी गयी दूध की फैक्ट्री में जांच नमूने में पुष्टि हुयी की दूध मिलावटी था
मोहनलालगंज। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के मऊ गाँव में बीते फरवरी माह में पकडी गयी नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री में पुलिस द्वारा भेजे गये नमूनों की रिपोर्ट में मिलावटी दूध की पुष्टि हुई है। जिसमें एसपी ग्रामीण डाॅ सतीश कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि जिन नमूनों को सील कर जांच के लिये भेजे गये थे।जिनकी रिपोर्ट आने से स्पष्ट है कि वह दूध पूरी तरह से मिलावटी और स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक है।
मोहनलालगंज कोतवाली में बुधवार को एसपी ग्रामीण डाॅ सतीश कुमार, क्षेत्राधिकारी राजकुमार शुक्ला व इंस्पेक्टर धीरेन्द्र प्रताप कुशवाहा द्वारा पत्रकारों को बताया कि बीते 3 फरवरी को मोहनलालगंज स्थित मऊ गांव में जो नकली दूध की फैक्ट्री का भंडा फोड हुआ था। उसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों द्वारा पुलिस की उपस्थिति में जिन नमूनों को सील किया गया था। उनकी रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि जो दूध पुलिस ने पकडा था उसको यूरिया, नमक आदि कैमिकलों के जरिये तैयार किया गया। हांलाकि पुलिस ने नमूनों को सील करने के बाद दूध टैंकर का रवाना कर दिया। मौके से पुलिस व खाद्य विभाग की टीम ने रसद व तैयार किया गया तीन हजार लीटर नकली दूध को नष्ट कर दिया था। पुलिस ने फैक्ट्री में मौजूद एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस इस मामले में अग्रिम कार्यवाही करते हुए अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी प्रक्रिया की शुरूआत करेगी। बंसकाथा डिस्ट्रीक को-आपरेटिव मिल्ड प्रडॅयूसर यूनियन लिमिटिड कानपुर देहात से 20 हजार लीटर दूध का टैंकर जीजे 2 जेड 3411 चलकर मोहनलालगंज में गोसाईगंज रोड पर स्थित मऊ के अर्ध निर्मित चांद नरूला के प्लाट में वह दूध लदा हुआ टैंकर प्रवेश कराया जाता था। जिसमें से सील पैक अमूल दूध के टैंकर की सील बिना तोड़े जुगाड से उसके ऊपरी ढक्कन से एक पाइप प्रवेश कराया जाता था। उसमें से तीन हजार लीटर उसली दूध निकाल कर उसमें पहले ही कैमिकल से तैयार किया गया नकली दूध मोटर के जरिये सील युक्त टैंकर में प्रवेश करा दिया जाता था जिसके बाद टैंकर अपने पूर्व निर्धारित गंतव्य बेनस डेयरी पैकिंग स्टेशन लखनऊ की ओर रवाना कर दिया जाता था। पैकडे गये नकली दूध फैक्ट्री के मजदूर रसूल अहमद निवासी मेरठ ने बताया था कि वह महीनवारी 10000 रूपये प्रति माह की दर पर नौकरी करता था और वही इस नकली दूध को यूरिया, नमक और केमिडकल के जरिये बनाता था और इसके बाद यूरिया की गर्मी को ठंडा करने के लिये बर्फ के जरिये उस गर्म दूध को ठंडा किया जाता था। और ये मिलावटी दूध मनुष्य की किडनियों को काफी हदतक खराब कर देता है। जिससे लोगों की मौत भी हो जाती है।
एसपी ग्रामीण डाॅ सतीश कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय पुलिस को ऐसे मामले में सख्त काररवाई के निर्देश जारी किये गये। जिससे इस प्रकार का मिलावटी गोरखधंधा करने वालों के खिलाफ कानूनी काररवाई करते हुये जेल उन्हें जेल भेजने का काम किया जायेगा। क्षेत्राधिकारी राज कुमार शुक्ला ने मीडिया कर्मियों को बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी कर कार्यवाही की जायेगी।
मुकेश द्विवेदी की रिपोर्ट
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