तथाकथित आश्रमों में अय्याशी के अड्डे
पिछले तीन दशकों से बढ़ते तथाकथित आश्रमों में यौन शोषण की ऐसी घिनौनी हरकते सामने आ रही है जिससे हमारा सिर शर्म से झुक जाता है।
आध्यतिम्कता की आढ़ में इन आश्रमों में अय्याशी का सारा सामान होता और यह तथाकथित बाबा अकूत संपत्ति के मालिक बन बैठे है। इन तथाकथित ठोगी बाबाओं को सत्ता का लाभ भी मिलता रहता है इसीलिए पुलिस भी सबकुछ जाने के बावजूद इन पर हाथ नहीं डालती। अब एक और बाबा दांती महाराज की करतूते सामने आ रही है और पुलिस उनके पाली आश्रम की शियाष्याओं से पूछताछ कर रही है।
शाहजहांपुर की एक शिष्या से बलात्कार के मामले में आशाराम बाबू जोधपुर की जेल में बंद है जबकि उनका पुत्र सलाखों के पीछे है। इसी तरह पंजाब व हरियाणा में अकूत संपत्ति अॢजत करके सत्ता को अपने इशारों पर नचाने वाले बाबा राम रहीम का सच भी सामने आ चुका है और बाबा व उसकी तथाकथित बेटी हनीप्रीत भी इस समय जेल में चक्की पीस रही है। दिल्ली में एक अध्यात्किम यूनिवॢसटी चलाने वाला बाबा भी फरार चल
रहा है। इन तथाकथित आश्रमों में लड़कियों को हवस का शिकार बनाया जाता रहा और किसी की इतनी हिम्मत नहीं जो अपना मुंह खोल ले लेकिन कहा जाता है कि जब पाप का घड़ा भर जाता है तो ऊपर वाला सजा का इंतजाम करता है।
पहले आश्रमों को आदर व श्रद्धा से देखा जाता था जो बाबा, साधू व सन्यासी यह आश्रम चलाते थे वह मानव सेवा के लिए चलाते थे और सेवा भाव से चलाते थे। इन आश्रमों में आने वाली लड़कियों व महिलाओं को बेटी, बहन व मां के रुप में देखा जाता था लेकिन अब इन आश्रमों में आने वाली लड़कियों व महिलाओं को बेटी,बहन व मां के रुप में नहीं देखा जाता बल्कि उनके शरीर को देखा जाता है। आशाराम बापू व बाबा राम रहीम के बारे में पुलिस व गुप्तचर एंजेसियों के सब कुछ मालूम हो रहा था लेकिन सत्ता का इन पर हाथ होने की वजह से पुलिस हाथ नहीं डालती थी लेकिन जब अदालतों ने सख्ती दिखाई और मीडिया ने इन तथाकथित आश्रमों की सच्चाई दुनिया के सामने लाना शुरु की तो सत्ता में बैठे लोगों ने इनसे अपनी दूरी बनायी। पंजाब व हरियाणा हाईकोट की सख्ती के बाद ही हरियाणा की खट्टर सरकार ने बाबा राम रहीम के खिलाफ
कार्रवाई की लेकिन जिस तरह बाबा केे गुंडों ने हरियाणा में हिंसा फैलाई वह खट्टर सरकार की नाकामयाबी ब्यान करती है। इसी तरह आशा राम बाबू ने भी गुजरात व दूसरे राज्यों में अकूत संपत्ति एकत्रित कर ली थी। दिल्ली में एक और बाबा पकड़ा गया था जो तहखानों में अय्याशी के अड्डे चला रहा था। इसी तरह दिल्ली में आध्यात्मिक यूनिवॢसटी में भी अय्याशी का अड्डा चल रहा है था। सवाल यह होता है कि जब यह तथाकथित आश्रम बन रहे होते और इनकी कार्यशैली पर अंगुलिया उठनी शुरु हो जाती तब प्रशासन क्यों नहीं कार्रवाई करती है। शासन व प्रशासन की शह मिलने के बाद ही इन तथाकथित बाबाओं की इतनी हिम्मत होती है कि वह अपने आगे कानून को ठेंगा दिखाते है और बेटियों की इज्जत से खेलते हैं। इस मामले में समाज में फैला अंधविश्वास भी जिम्मेदार है जब लड़कियों व महिलाओं को मालूम होता है कि आश्रम में क्या हो रहा है तो वह वहां क्यों जाती है और हवस का शिकार बनती है। देश को अदालतों व मीडिया का शुक्रगुजार होना चाहिए कि वह इन तथाकथित आश्रमों के काले कारनामंों को उजागर करता है।





