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डी0ए0वी0पी0जी0 कालेज द्वारा दिनांक 23 जनवरी से 25 जनवरी 2018 तक आयोजित अन्तर महाविद्यालयीय बौद्धिक तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘‘अभिव्यक्ति- 2018‘‘ के अन्तर्गत आज महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक प्रतियोगिता का उद्घाटन हुआ जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष प्रो0 वी0डी0 मिश्र जी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो0 एस0पी0 सिंह थे। कार्यक्रम के विषिष्ट अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 आर0के0 सिंह थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के उपाध्यक्ष डा0 रमाशंकर तिवारी तथा नारी शिक्षा निकेतन के प्रबन्धक डा0 अनिल कुमार अग्रवाल उपस्थित थे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो0 एस0पी0 सिंह ने कहा कि किसी महाविद्यालय के विकास के लिए तीन बातें जरूरी हैं- सषक्त प्रबन्धन, विद्वान प्राचार्य तथा शिक्षक एवं जिज्ञासु विद्यार्थी। किसी संस्था की उन्नति मात्र संसाधनों से तथा एक दिन में नहीं होती है। विकास की अवधारणा सबसे पहले नेतृत्वकर्ता के मन मस्तिष्क में आती है और उसके बाद कार्य योजना बनती है। विकास माहौल से होता है, मात्र संसाधन से नहीं। सम्पूर्ण परिवेश का सृजन करना पड़ता है। शिक्षक ही इस सृजन का निर्माता है। शिक्षक पीढ़ियों और संस्कार का निर्माणकर्ता है जिनकी सार्थकता किसी उद्योग द्वारा किए जा रहे निर्माण से ज्यादा होती है। कुलपति महोदय ने कहा कि महाविद्यालय एक परिवार है सभी महाविद्यालय उसके अंग हैं। महाविद्यालयों का विकास सच्चे अर्थों में विश्वविद्यालय का विकास है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्रबन्धसमिति के अध्यक्ष प्रो0 वी0डी0 मिश्र महाविद्यालय के विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होनें शिक्षकों तथा छात्रों का आह्वाहन किया कि छात्र एवं शिक्षक मिलकर महाविद्यालय को विकास के पथ पर आगे बढायें।

अभिव्यक्ति 2017 के तीसरे दिन फेस पेण्टिंग, एकल नृत्य (छात्र), एकल नृत्य (छात्रा), समूह गान, समूह नृत्य, एकल गान की प्रतियोगिताएं हुईं। ‘पर्यावरण संरक्षण‘ का सन्देश देते हुए फेस पेण्टिंग प्रतियोगिता हुई। विद्यान्त कालेज के अंकुश गुप्ता ने प्रकृति का परिवर्तन के सम्बन्ध में चित्रण किया। उन्होनें पहले और आज की ‘प्रकृति‘ में होने वाले परिवर्तन को दर्शाया। डी0ए0वी0पी0जी0 कालेज के राकेश वर्मा ने वृक्ष बचाओ का सन्देश देकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। डी0ए0वी0पी0जी0 कालेज के मो0 खालिद ने राष्ट्रीय पक्षी मोर के पंखो के रंगो के माध्यम से हरियाली बढाने को प्रेरित किया। उन्हे तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
एकल गान प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने अपने सुरों का जलवा बिखेरा। नृत्य-गान प्रतियोगिता का शुभारम्भ गणेश वंदना के साथ विषाल तथा साथियों के समूह ने किया। भजन, गजल, शास्त्रीय तथा सूफी गायन के विभिन्न रूपों की छाप प्रतियोगिता में दिखी। एकल गान प्रतियोगिता में डी0ए0वी0पी0जी0 कालेज के हर्शत ने प्रथम, रजनीश ने द्वितीय तथा आई0टी0 कालेज की प्रिया शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अनुराग बाजपेयी ने सूफी कव्वाली ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है‘ गाकर सबका दिल जीत लिया। बालीवुड़ के पुराने गानों से लेकर नए गानों तक अपनी गायन क्षमता का परिचय विद्यार्थियों ने दिया। सेंट मदर टेरेसा डिग्री कालेज की रिंकी बाजपेई ने ‘जो भेजी थी दुआ‘ गुरूनानक गर्ल्स डिग्री कालेज की नुपूर श्रीवास्तव ने ‘मैं नचदि फिरा‘ की प्रस्तुती दी।
समूह गान प्रतियोगिता में बी0एस0एन0वी0 पी0जी0 कालेज ने ‘रश्के कमर‘ पर अपनी प्रस्तुति दी तो डी0ए0वी0 कालेज के दल ने ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा‘ प्रस्तुत किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के दल ने ‘है जुनून‘ को चुना। गुरूनानक तथा जे0एन0पी0जी0 कालेज ने कव्वाली समूह गान के रूप में प्रस्तुत की।
समूह नृत्य प्रतियोगिता में भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति के दर्शन हुए। गुरूनानक गर्ल्स डिग्री कालेज की छात्राओं के समूह ने ‘माटी पुकारे तुझे‘ प्रस्तुत किया। ‘भगवान है कहॉ रे‘ समूह नृत्य में समकालीन भारत की समस्याओं को विद्यान्त पी0जी0 कालेज के छात्रों ने उठाया। भारत की क्षेत्रीय विविधता का दर्शन भी प्रतिभागियों ने कराया। कुमाऊॅ की जीवंत संस्कृति ‘बेरू पाको‘ नृत्य में जयनारायण पी0जी0 कालेज के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया वहीं राजस्थान के घूमर नृत्य पर दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रतियोगिता में डी0ए0वी0 पी0जी0 कालेज की टीम ने प्रथम तथा द्वितीय दोनों ही पुरस्कार अपने नाम किए तथा बी0एस0एन0वी0 की टीम को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
छात्रों को सम्बोधित करते हुए पुरस्कार वितरण सत्र के मुख्य अतिथि श्री नीलखण्ठ तिवारी, मा0 राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन ने कहा कि किसी शिक्षण संस्था का वार्षिक उत्सव उस महाविद्यालय की गतिविधियों का दर्पण होता है। भारत युवाओं का देश है। इन्ही युवाओं के माध्यम से ही राष्ट्र का नया निर्माण होना है। किसी भी व्यवस्था में हर वर्ग के विकास की योजना होनी चाहिए इसको प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी साकार कर रहे हैं। भारत के युवकों के लिए ‘कौशल विकास योजना‘ गरीबों के लिए, प्रधानमंत्री जन-धन योजना तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ इसके उदाहरण हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 के0के0 पाण्डेय ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। संयोजक डा0 आर0पी0 चतुर्वेदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रबंधतंत्र, शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को धन्यवाद दिया।
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