सैमसंग। यह नाम सुनते ही हमारी आंखों के सामने इस दक्षिण कोरियाई कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट घूमने लगते हैं, खासतौर पर स्मार्टफोन। लेकिन जब सैमसंग की शुरुआत हुई थी, तब इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स से इसका दूर तक लेना-देना नहीं था।
– ली बुंग चल ने 27 डॉलर की पूंजी के साथ मार्च 1938 में कोरिया के तेइगू में ग्रॉसरी स्टोरी के जरिए एक छोटी कंपनी की शुरुआत की थी। इस कंपनी का नाम था सैमसंग।
– कारोबार बढ़ाते हुए कंपनी ने सूखी मछलियों, सब्जियों और नूडल्स की खरीदी-बिक्री शुरू की। इसके बाद शूगर रिफायनिंग, इंश्योरेंस, सेक्युरिटी और टेक्सटाइल में कदम रखा।
– एक वक्त ऐसा भी आया जब सैमसंग कोरिया की सबसे बड़ी टेक्सटाइल कंपनी बन गई। कंपनी ने 1960 में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट बनाना शुरू किया था।
– उस दौर में कंपनी ने अपनी अलग-अलग शाखाओं के जरिए टीवी, माइक्रोवेव, टेलिफोन, टेलिफोन स्वीचबोर्ड, फैक्स मशीन, वॉशिंगमशीन और मोबाइल फोन बनाने शुरू किए।
– 1970 में कंपनी ने अपनी पहली 12 इंच की ब्लैक एंड व्हाइट टीवी लांच की। आठ साल के अंदर सैमसंग 50 लाख टीवी बनाकर दुनिया की सबसे बड़ी टीवी निर्माता कंपनी बनी। 1981 में कंपनी ने अपनी 10 लाख वीं रंगीन टीवी बना ली थी।
– 1984 में कंपनी ने अपना पहला वीसीआर अमेरिका में बेचा था।
– 1987 में कंपनी को चार टुकड़ों में बांट दिया गया – सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, शिनसेगई ग्रुप, सीजे ग्रुप और हंसोल ग्रुप। इसी साल कंपनी के संस्थापक ली का निधन हो गया था। उनकी जगह बेटा कुन-ही ली चेयरमैन बना।
– सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का पूरा फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी पर रहा, वहीं शेष कंपनियों ने रिटेल, कैमिकल, फूड, लॉजिस्टिक्स और इंटरनेटमेंट फील्ड में कदम बढ़ाए।
– समूह ने 1993 में अपनी कुछ कंपनियां बेच दीं, ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और कैमिकल्स पर फोकस कर सके।
– आज सैमसंग ग्रुप में 59 गैरसूचिबद्ध और 19 सूचिबद्ध कंपनियां हैं, जो उक्त सेक्टर्स के अलावा शिपबिल्डिंग, मेडिसिन और फायनेंस में भी काम कर रही हैं।
– 2010 में कंपनी ने 258 बिलियन डॉलर के राजस्व और 27.6 बिलियन डॉलर के प्रॉफिट की घोषणा की थी। 2012 में सैमसंग ने विज्ञापन पर 4.3 बिलियन डॉलर (दुनिया में सबसे ज्यादा) खर्च किए। तब ऐपल का एडवरजाइजिंग खर्च 1 बिलियन डॉलर था।