Wednesday, February 25, 2026
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उर्स के दिन राष्ट्रीय अवकाश की मांग को लेकर एडीएम सिटी को दिया ज्ञापन

उर्स के दिन राष्ट्रीय अवकाश की मांग को लेकर एडीएम सिटी को दिया ज्ञापन
सुल्तान ए हिंद गरीब नवाज़ के सालाना उर्स पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने व सूबे की सरकार से गरीब नवाज़ के उर्स के दिन रद्द अवकाश बहाल करने की मांग को लेकर मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने काज़ी ए शहर व उलेमाओं के साथ मिलकर जिलाधिकारी कार्यालय मे जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह से एक प्रतिनिधि मंडल मिला व पीएम नरेन्द्र मोदी  व सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई काज़ी ए शहर मौलाना मोहम्मद आलम रज़ा खाँ नूरी व ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड कर रहे थे प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि हिंद के महाराजा हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज़ रहo अलैo ने इंसानियत, सदभाव, मोहब्बत की ऐसी मिसाल पेश की जिससे हिंदू मुसलमान आज भी एक सूत्र मे बंधे है गरीब नवाज़ ने धर्म, जात-पात, अमीर-गरीब किसी मे कोई भेद नही किया। उनके दरबार मे अमीर गरीब बादशाह फकीर सभी आते है और फैज़ पाते है।
ख्वाजा का दरबार मुस्लिम धर्म के आस्था का प्रतीक है उनके दरबार मे कोई धार्मिक भेदभाव नही है हिंदू मुसलमान सहित विभिन्न देशो से लोग आते है। गरीब नवाज़ के सालाना उर्स पर एशिया-यूरोप व अमेरिकी मुल्कों के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के प्रतिनिधि ख्वाजा के दरबार मे चादर पेशकर अपनी आस्था व्यक्त करते रहे है।
ख्वाजा गरीब नवाज़ के सालाना उर्स के दिन राष्ट्रीय अवकाश की मांग लगभग 13 वर्षों से मोहम्मदी यूथ ग्रुप के साथ उलेमा ए दीन व दरगाहों के सज्जादानशीन भी कर रहे है लेकिन केंद्र की न तो यूपीए सरकार और न ही एनडीए सरकार ने उर्स के दिन राष्ट्रीय अवकाश की मांग पर अमल किया।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 मे 15 महापुरुषों की जयंती व बलिदान दिवस पर घोषित सार्वजनिक अवकाश रद्द कर दिये जिसमेँ महापुरुषों के साथ धार्मिक/आस्था से जुड़े अवकाश को भी सूची मे बिना सोचे समझे शामिल कर प्रदेश ने धार्मिक आस्था को चोट कर करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है जिसमें गरीब नवाज़ के सालाना उर्स का सार्वजनिक अवकाश भी शामिल था। प्रदेश मे गरीब नवाज़ के सालाना उर्स की मांग लगभग 9 वर्षो से मोहम्मदी यूथ ग्रुप कर रहा था उनकी इस मांग पर तत्कालीन सरकार ने 2013 मे उनकी मांग पर अमल करतें हुए उर्स के दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी जिसका प्रदेश के साथ देश की आवाम ने प्रदेश सरकार के इस फैसले पर खुशी का इज़हार कर प्रदेश सरकार को बधाई दी थी लेकिन अवकाश के रद्द होने से ख्वाजा के मानने वाले व सभी मज़हब के लोगों मे प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ नाराजग़ी व गुस्सा है।
प्रतिनिधि मंडल व सूबे की सरकार को देश व प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी व गुस्सा है।
प्रतिनिधि मंडल ने मरकज़ी व सूबे की सरकार को देश व प्रदेश की आवाम की भावनाओं का ख्याल रखतें हुए इसी वर्ष अवकाश की घोषणा का ऐलान करने की मांग की प्रतिनिधि मंडल ने इसी से सम्बन्धित पीएम व सीएम के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जिलाधिकारी ने पूरी बातो को ध्यानपूर्वक सुना व ज्ञापन को आज ही पीएम सीएम कार्यालय भेजने का आशवासन दिया। प्रतिनिधि मंडल व ज्ञापन मे काज़ी ए शहर मौलाना आलम रज़ा खाँ नूरी, इखलाक अहमद डेविड, कारी अब्दुल मुत्तलिब, हाफिज़ सगीर आलम हबीबी, मौलाना तहसीन रज़ा कादरी, मौलाना अबरार वारसी, हाफिज़ मोहम्मद कफील हुसैन, मौलाना अबरार अहमद, मौलाना गुलाम मुस्तफा, महबूब आलम खान, मौलाना दिलदार हुसैन, हाफिज़ ताहिर नय्यर साबरी, अयाज़ अहमद चिश्ती, इस्लाम खाँ आज़ाद, मोहम्मद मेराज, कारी लईक रज़ा फैज़ी मुख्य थे।
सर्वोत्तम तिवारी की रिपोर्ट
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